मर्यादा, अनुशासन और नैतिकता के साथ जनसेवक करें कार्य — मुख्य सचिव पंत
विभागीय नवाचारों से सुशासन और पारदर्शिता को मिल रही मजबूती
नरेश गुनानी •
जयपुर, 24 अक्टूबर 2025। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि प्रत्येक जनसेवक को मर्यादा, अनुशासन और नैतिकता का पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्यस्थल पर ही नहीं, बल्कि उसके बाहर भी पद की गरिमा, आचरण और सेवा की शुचिता बनाए रखें। वे शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों का नियमित औचक निरीक्षण करें और कार्यों की सतत समीक्षा करते रहें, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जयपुर विद्युत वितरण निगम (जयपुर डिस्कॉम) द्वारा उपभोक्ता संतुष्टि के लिए शुरू की गई पहल की सराहना की और अन्य विभागों को भी इसी तरह के नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। जयपुर डिस्कॉम ने नए घरेलू विद्युत कनेक्शन उपभोक्ताओं से “बिजली मित्र” मोबाइल ऐप पर फीडबैक लेकर सेवा गुणवत्ता सुधार की पहल की है।
विभागीय नवाचारों की जानकारी साझा
कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के शासन सचिव राजन विशाल ने बताया कि किसानों को कृषि तकनीक और योजनाओं की जानकारी देने के लिए “कृषि ज्ञान धारा 2.0” कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम विभाग के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित होता है, जिसमें विषय विशेषज्ञ किसानों से संवाद करते हैं। सैकड़ों किसान इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो चुके हैं।
ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा ने बताया कि राजीविका ने “उन्नति इन्क्यूबेशन हब” के तहत भारतीय शिल्प एवं डिजाइन संस्थान (IICD) जयपुर के साथ एमओयू किया है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास, नवाचार, उत्पाद विविधीकरण और विपणन सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
नीतियों और अधिनियमों की समीक्षा
मुख्य सचिव ने बताया कि बजट घोषणाओं की 39 नीतियों में से 23 नीतियां जारी हो चुकी हैं, जबकि 16 नीतियां प्रक्रियाधीन हैं। इसी प्रकार 14 अधिनियमों में से 6 अधिनियम की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि खेल नीति-2024, राजस्थान रोजगार नीति-2025, एग्रो प्रोसेसिंग नीति-2024, नवीन आयुष नीति, व्हीकल स्क्रैप नीति, उद्योग नीति-2024, ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति और ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी सहित लंबित नीतियों को शीघ्र लागू किया जाए और उनकी प्रगति सीएमआईएस पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट की जाए।
मुख्य सचिव ने आबकारी कानून, ई-कॉमर्स कानून, ऑनलाइन सेवा प्रदायगी कानून, निजी भूमि एकत्रीकरण अधिनियम, राजस्थान नागरिक सुरक्षा अधिनियम और लोक विश्वास अधिनियम सहित लंबित अधिनियमों के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।
उन्होंने भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने तथा वाणिज्यिक भूखंडों में भूमि हानि को कम करने के लिए भवन विनियमों में आवश्यक संशोधन निर्धारित समय में करने को कहा। साथ ही कहा कि कुछ खतरनाक उद्योगों में महिलाओं पर लगे कार्य प्रतिबंधों को शिथिल कर उन्हें समान रोजगार अवसर प्रदान करने की दिशा में संशोधन किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने बिजली और जल कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए ऑनलाइन आवेदन, भुगतान और ट्रैकिंग सुविधा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों की नीतियों व अधिनियमों की प्रगति की समीक्षा की गई। सार्वजनिक खरीद प्रणाली को पारदर्शी और दक्ष बनाने के लिए जैम पोर्टल (Government e-Marketplace) की क्रियान्विति और राज्य की रैंकिंग पर भी चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने आगामी पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की तथा ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर, ई-फाइल निस्तारण समय और भर्ती प्रक्रिया पर भी जानकारी ली।
सीएम वर्क मैनेजमेंट सिस्टम मॉड्यूल होगा लाइव
प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने बताया कि विभिन्न विभागों और स्वायत्त संस्थाओं द्वारा विकास कार्यों पर हुए खर्च का विधानसभा क्षेत्रवार संकलन करने के लिए मुख्यमंत्री वर्क मैनेजमेंट सिस्टम (CM-WMS) मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसे 1 दिसंबर से लाइव किया जाएगा।
बैठक में जल संसाधन, जनस्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास, वन एवं पर्यावरण, सार्वजनिक निर्माण और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिवों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।