मन की बात: युवा शक्ति के दम पर 2026 में नए संकल्पों के साथ बढ़ेगा भारत, प्रधानमंत्री ने उपलब्धियों को सराहा
| नरेश गुनानी
जयपुर, 28 दिसम्बर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। वर्ष 2025 की इस अंतिम कड़ी में प्रधानमंत्री ने बीते वर्ष की सफलताओं का लेखा-जोखा साझा किया और विश्वास जताया कि वर्ष 2026 ‘विकसित भारत’ के संकल्प की सिद्धि में एक मील का पत्थर साबित होगा।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर आमजन और जनप्रतिनिधियों के साथ इस कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश की गौरवशाली उपलब्धियों पर गर्व करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
युवा शक्ति और नवाचार पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की युवा शक्ति की वजह से आज पूरी दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। युवा अपनी रचनात्मकता से राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
- यंग लीडर्स डायलॉग: अगले वर्ष स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ का आयोजन होगा।
- तकनीकी विकास: उन्होंने स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2025 में युवाओं की भारी भागीदारी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के ‘गीतांजलि आईआईएससी’ कार्यक्रम का विशेष उल्लेख किया।
सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भरता की कहानियाँ
नरेन्द्र मोदी ने देश के विभिन्न कोनों से सफलता की कहानियों को साझा किया:
- अयोध्या और महाकुंभ: अयोध्या मंदिर में ध्वजारोहण और प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन को हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया।
- महिला सशक्तिकरण: मणिपुर में सौर ऊर्जा से बिजली संकट का समाधान, बांस के हैंडीक्राफ्ट और फूलों की खेती के जरिए महिलाओं के आत्मनिर्भर होने के प्रयासों की सराहना की।
- पर्यटन व विरासत: जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत और कच्छ के रणोत्सव का भी जिक्र किया।
अनकहे नायकों को सम्मान
प्रधानमंत्री ने कहा कि 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम उन सेनानियों को याद कर रहे हैं जिन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि का उदाहरण दिया, जिन्होंने आजादी की लड़ाई के साथ अनाथालयों के जरिए समाज सेवा की मिसाल पेश की।
भारतीय भाषाओं का वैश्विक विस्तार
भाषाओं के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि:
- दुबई में कन्नड़ परिवारों ने ‘कन्नड़ पाठशाला’ शुरू की है।
- फिजी के स्कूलों में ‘तमिल दिवस’ मनाया जा रहा है।
- ’काशी तमिल संगमम’ जैसे आयोजनों से उत्तर प्रदेश के बच्चे भी अब आसानी से तमिल भाषा सीख और बोल पा रहे हैं।
स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता
प्रधानमंत्री ने बढ़ते स्वास्थ्य खतरों पर चिंता जताते हुए निमोनिया जैसी बीमारियों के खिलाफ एंटीबायोटिक दवाओं के बेअसर होने (Antibiotic Resistance) का मुद्दा उठाया। उन्होंने देशवासियों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाएं न लेने की सलाह दी और दैनिक जीवन में व्यायाम को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर जयपुर में विधायक डॉ. गोपाल शर्मा, पूर्व विधायक रामलाल शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

