मनरेगा बचाओ संग्राम: नसीराबाद में कांग्रेस का एक दिवसीय सत्याग्रह, केंद्र की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा
| हरि प्रसाद शर्मा
नसीराबाद (अजमेर)। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए जा रहे बदलावों और बजट कटौती के विरोध में अजमेर देहात कांग्रेस कमेटी ने बिगुल फूंक दिया है। नसीराबाद में आयोजित “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास व सत्याग्रह कर श्रमिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।
श्रमिकों की आवाज बुलंद: बजट कटौती पर जताया विरोध
सत्याग्रह का नेतृत्व अजमेर देहात कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी तथा पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिकों ने भाग लिया और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा बजट में कटौती करने, मजदूरी भुगतान में अनावश्यक देरी और कार्य दिवसों को कम करने का आरोप लगाया।
मजदूरों की आजीविका पर संकट: शिवप्रकाश गुर्जर
पूर्व प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर ने संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था और गरीब परिवारों की आजीविका की रीढ़ है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि केंद्र सरकार की वर्तमान नीतियों के कारण यह योजना लगातार कमजोर हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का भरोसा बहाल करने के लिए भुगतान प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना अनिवार्य है।
विधायक विकास चौधरी की चेतावनी
विधायक विकास चौधरी ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा:
- मनरेगा के लिए पर्याप्त बजट का आवंटन किया जाए।
- श्रमिकों की लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान हो।
- कार्य दिवसों की संख्या को बढ़ाकर श्रमिकों को राहत दी जाए।
चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस इस आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाएगी और इसे और अधिक उग्र किया जाएगा।
दिग्गज नेताओं की रही उपस्थिति
इस सत्याग्रह में पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक नसीम अख्तर अंसाफ, पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह गुर्जर सहित जिले के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों की संख्या में मनरेगा श्रमिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में श्रमिकों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की शपथ ली।

