मणिपुर में “सुशासन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
नई दिल्ली/इम्फाल, 24 अगस्त 2025 । गणेश शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) के सहयोग से, मणिपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीआईटी) ने 21 और 22 अगस्त को इम्फाल स्थित राज्य प्रशिक्षण अकादमी में “सुशासन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य शासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की समझ को बढ़ाना और सरकारी प्रक्रियाओं में इसके एकीकरण को गति देना था। एनईजीडी की क्षमता निर्माण पहल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के सभी उपायुक्तों सहित विभिन्न विभागों के 50 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
आईटी विभाग के निदेशक नंबम देबेन ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और एनईजीडी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक और उपयोगी अनुभव बनाने की उम्मीद जताई।
आईटी सचिव थोकचोम किरण कुमार ने कहा कि यह कार्यशाला शासन सुधार की दिशा में एक आधारभूत कदम है। उन्होंने बताया कि मणिपुर एआई तकनीक का उपयोग कानूनी मामलों के प्रबंधन और गाँवों के जीआईएस-आधारित आवास मानचित्रण जैसे क्षेत्रों में करने की तैयारी कर रहा है। इन पहलों से सेवा वितरण अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनेगा।
मणिपुर राज्य ई-मिशन टीम (एसईएमटी) के प्रमुख पोत्संगबाम हेनरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए आईटी विभाग, एनईजीडी और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य में एआई-संचालित शासन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह कार्यशाला मणिपुर की डिजिटल गवर्नेंस यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। इसके माध्यम से राज्य के अधिकारियों को एआई आधारित शासन से संबंधित सर्वोत्तम प्रथाओं, क्षेत्र विशेषज्ञता और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। यह पहल राज्य में एक मजबूत, समावेशी और नैतिक आधार पर निर्मित एआई इकोसिस्टम को गति देने में सहायक सिद्ध होगी।
