जयपुर | योगेश शर्मा | मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (एमयूजे) के गणित एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एडवांसेज़ इन कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस फॉर फ्लूइड एंड फज़ी सिस्टम्स (ACIFF-2026)” का बुधवार को भव्य शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के शारदा पाई ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के शीर्ष शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का जमावड़ा लगा।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईआईटी गुवाहाटी, नेल्सन मंडेला अफ्रीकन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (NM-AIST), तंजानिया तथा अफ्रीकन मैथमेटिकल यूनियन (AMU) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसे अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (A.N.R.F.) द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त है।
देश-विदेश के दिग्गजों की रही मौजूदगी
उद्घाटन समारोह में वैश्विक शैक्षणिक जगत के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए:
- मुख्य अतिथि: कुवैत कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रख्यात शोधकर्ता प्रो. अली जे. चमखा वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जुड़े।
- विशिष्ट अतिथि: NM-AIST (तंजानिया) की प्रो. वर्दियाना ग्रेस मसांजा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
- प्रमुख उपस्थिति: आईआईटी गुवाहाटी के प्रो. स्वरूप नंदन बोरा और मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के प्रो-प्रेसिडेंट कमांडर (डॉ.) अनिल राणा मंच पर उपस्थित रहे।
इनके अलावा, देश और विदेश से बड़ी संख्या में शिक्षाविद, संकाय सदस्य, शोधकर्ता और छात्र-छात्राएं इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बने।
जटिल वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान है कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथियों व प्रख्यात वक्ताओं ने आज के दौर में कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस (CI), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और गणितीय विज्ञान (Mathematical Sciences) के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा:
“आधुनिक समय में इंजीनियरिंग और विज्ञान के क्षेत्र में सामने आ रही जटिल समस्याओं के समाधान में कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस और फज़ी सिस्टम्स की भूमिका निर्णायक है। नवाचार, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और सतत विकास को गति देने के लिए अंतर-विषयक (Multidisciplinary) शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
सम्मेलन की स्मारिका (Souvenir) का विमोचन
उद्घाटन समारोह के एक विशेष चरण में ACIFF-2026 की आधिकारिक स्मारिका (Souvenir) का विमोचन किया गया। इस स्मारिका में सम्मेलन के मुख्य विषयों, तीन दिवसीय वैज्ञानिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आमंत्रित वैश्विक वक्ताओं के परिचय, विशिष्ट अतिथियों के संदेशों और प्रतिभागी शोधकर्ताओं का पूरा विवरण शामिल है।
645 में से चुने गए 300 उत्कृष्ट शोध-पत्र
कार्यक्रम के दौरान ACIFF-2026 की प्रोग्राम चेयर प्रो. रीमा जैन ने सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन को वैश्विक शोध समुदाय से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है:
- कुल प्राप्त एबस्ट्रैक्ट: 645 (विश्वभर से)
- चयनित शोध-पत्र: 300 (कठोर पीयर-रिव्यू प्रक्रिया के बाद)
प्रो. जैन ने बताया कि चयनित 300 शोध-पत्रों को आगामी तीन दिनों में आयोजित होने वाले विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञ इन पर विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे।
वैश्विक सहयोग की दिशा में बड़ा कदम
उद्घाटन सत्र में भारत सहित दुनिया के कई देशों से आए शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह साबित किया कि कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस और फज़ी सिस्टम्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर रुचि तेजी से बढ़ रही है।
यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च स्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देने, बहुविषयक नवाचारों को प्रेरित करने और वैश्विक शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
समारोह के अंत में ACIFF-2026 के संयोजक डॉ. अब्दुल हसीब गनी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शोधकर्ताओं, सहयोगियों एवं आयोजक टीम के प्रति धन्यवाद व आभार ज्ञापित किया।