मणाई में आदर्श विद्या मंदिर का वार्षिकोत्सव आयोजित: वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाशक्ति निभाएगी अग्रणी भूमिका – जोगाराम पटेल

नरेश गुनानी 

  • बजट घोषणा के अनुरूप 2 हजार करोड़ रुपये से स्थापित होगा विद्यालय आधारभूत संरचना कोष
  • प्रदेश के 1,000 विद्यालयों में स्थापित होंगी एआई (AI) आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग लैब्स
  • मेधावी छात्र छत्रपाल को लैपटॉप और देरावरसिंह को टैबलेट देकर किया गया सम्मानित

जयपुर/जोधपुर, 16 मई 2026

विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक मणाई का वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह शनिवार को अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल थे। समारोह में परम पूज्य संत नारायणगिरी जी महाराज एवं परम पूज्य संत अमृतराम जी महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।

​शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार अनवरत कार्यरत

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य में शैक्षणिक उन्नयन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए अनवरत काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प को सिद्ध करने में हमारी युवाशक्ति सबसे अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने आगे कहा कि विद्या भारती संस्थान संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ-साथ एक विकसित, समर्थ और सक्षम भारत के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।

​शिक्षा क्षेत्र के कायाकल्प के लिए ऐतिहासिक बजटीय घोषणाएं

​विधि मंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए शिक्षा क्षेत्र के लिए की गई महत्वपूर्ण बजटीय घोषणाओं की जानकारी दी:

  • विद्यालय आधारभूत संरचना कोष: बजट घोषणा के अनुरूप राज्य के विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिक विकास के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की राशि से ‘विद्यालय आधारभूत संरचना कोष’ की स्थापना की जाएगी।
  • व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए 51 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से 500 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
  • एआई (AI) आधारित लर्निंग लैब्स: प्रदेश के 1,000 विद्यालयों में अत्याधुनिक तकनीक से पढ़ाई कराने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग लैब्स स्थापित की जाएंगी।
  • ‘सीएम-राइज’ स्कूल योजना: राज्य के 400 विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये की लागत से ‘सीएम-राइज’ स्कूलों में क्रमोन्नत (अपग्रेड) किया जाएगा।
  • बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन: महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने अब तक प्रदेश की 44 हजार से अधिक छात्राओं को स्कूटी और 13 लाख से अधिक छात्राओं को साइकिल वितरित की हैं।

​सांस्कृतिक विरासत और युवा आबादी हमारी असली ताकत

​जोगाराम पटेल ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के महत्व पर बल देते हुए कहा:

​”विद्यार्थियों में करुणा और संवेदनशीलता का भाव विकसित करना शिक्षण संस्थाओं का मुख्य दायित्व है, जिससे समाज में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना फलीभूत हो सके। जिस देश की युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को जानती है, उस देश के विकास को दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती।”

 

​उन्होंने कहा कि विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालय हमारी सनातन संस्कृति, गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध भारतीय ज्ञान परंपरा से नई पीढ़ी को परिचित कराने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। भारत के पास वर्तमान में विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। इसमें शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण करने के साथ ही उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।

​प्रतिभावान छात्रों का सम्मान और सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियां

​समारोह के मुख्य आकर्षण में प्रतिभा सम्मान समारोह शामिल रहा, जहां बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाले मेधावी छात्र छत्रपाल को लैपटॉप एवं छात्र देरावरसिंह को टैबलेट प्रदान कर मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

​इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशप्रेम और संस्कृति से ओतप्रोत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यार्थियों ने घोष प्रदर्शन (बैंड), नियुद्ध (मार्शल आर्ट) और डंबल्स का हैरतअंगेज प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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