नरेश गुनानी
नई दिल्ली | 02 मई 2026
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को देश की जनता को आश्वस्त किया कि मई महीने में संभावित गर्मी और लू (हीटवेव) को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को सही ढंग से समझने और दैनिक जीवन में सरल सावधानियां बरतने से गर्मी के प्रभाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
तापमान का पूर्वानुमान और क्षेत्रीय प्रभाव
मीडिया को जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस महीने देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, लेकिन यह स्थिति पूरे देश में एक समान नहीं होगी।
- अधिक तापमान वाले क्षेत्र: दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में पारा सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है।
- सामान्य से कम तापमान: देश के एक बड़े हिस्से में इस महीने तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है।
- लू की संभावना: हिमालय की तलहटी, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में सामान्य से 2-4 दिन अधिक लू चलने की आशंका है।
साप्ताहिक उतार-चढ़ाव
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मई के दूसरे (8-14 मई) और चौथे (22-28 मई) सप्ताह में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है। इसके विपरीत, पहले (1-7 मई) और तीसरे सप्ताह (15-21 मई) के दौरान पश्चिमी विक्षोभ और गरज के साथ बारिश के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम राहत भरा रहने की उम्मीद है।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां उत्तर और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में रबी की फसल की देर से कटाई के लिए अनुकूल हैं। हालांकि, दक्षिण और उत्तर-पूर्वी भारत में ग्रीष्मकालीन फसलों जैसे चावल, मक्का और दालों पर गर्मी का असर पड़ सकता है।
- किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और शाम के समय ही खेतों में काम करें।
- नियमित सिंचाई सुनिश्चित करें और पशुओं को धूप से बचाएं।
सरकार की तैयारी और जन-सावधानी
सरकार ने पेयजल की उपलब्धता और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से शिशुओं, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
नागरिकों के लिए मुख्य सुझाव:
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।
- दोपहर की भीषण धूप में लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
- आईएमडी (IMD) के ‘मौसम ऐप’ और दैनिक अपडेट्स पर नजर रखें।
मंत्री ने अंत में कहा कि भारत की पूर्वानुमान प्रणाली अब पहले से कहीं अधिक सटीक है, जिससे समय रहते अलर्ट जारी करना संभव हो पाया है। जनता को जिम्मेदार प्रतिक्रिया देते हुए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।