मंत्रोच्चार और कलश यात्रा के साथ संस्कृति सप्ताह का आगाज: प्रताप नगर में पंच कुंडीय गायत्री यज्ञ संपन्न

मंत्रोच्चार और कलश यात्रा के साथ संस्कृति सप्ताह का आगाज: प्रताप नगर में पंच कुंडीय गायत्री यज्ञ संपन्न

| योगेश शर्मा

​जयपुर। भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण के उद्देश्य से भारत विकास परिषद (भाविप), प्रताप नगर शाखा द्वारा ‘संस्कृति सप्ताह’ का भव्य शुभारंभ किया गया। सप्ताह के प्रथम दिन पंच कुंडीय गायत्री यज्ञ और कलश यात्रा के माध्यम से समूचे क्षेत्र को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया गया।

​कलश यात्रा: आस्था का अनूठा संगम

​यज्ञ प्रारंभ होने से पूर्व प्रताप नगर के गोवर्धन पार्क से एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की थाप और धार्मिक जयकारों के साथ यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई सेक्टर 61 स्थित शिव मंदिर पहुँची। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में पीत वस्त्र धारी महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

​[Image showing women carrying kalash in a religious procession in Jaipur]

​पंच कुंडीय गायत्री यज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चार

​शिव मंदिर परिसर में गायत्री परिवार, प्रताप नगर के सहयोग से पंच कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। गायत्री परिवार के विद्वानों ने वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न करवाया। यज्ञ की आहुतियों के माध्यम से विश्व शांति और जन कल्याण की कामना की गई।

​शाखा सचिव जगरूप सिंह ने जानकारी दी कि भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित इस संस्कृति सप्ताह के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस यज्ञ में परिषद के सदस्यों के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और स्थानीय निवासियों ने भी पूर्ण श्रद्धा के साथ आहुतियां दीं।

​सांस्कृतिक सप्ताह का संकल्प

​यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात सभी उपस्थित भक्तों और सदस्यों के लिए स्वादिष्ट प्रसादी (भोजन) की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के समापन पर शाखा अध्यक्ष अशोक कुमार मंगल ने गायत्री परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

​”संस्कृति सप्ताह का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना है। गायत्री यज्ञ की पवित्र ऊर्जा से इस अभियान की शुरुआत करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।”

 

​शाखा अध्यक्ष ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय निवासियों को धन्यवाद दिया। आने वाले दिनों में परिषद द्वारा व्याख्यान, भजन संध्या और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related