मंत्री समूह की प्रेस वार्ता: डूंगरी बांध से 1.25 लाख हेक्टेयर भूमि पर होगी सिंचाई
रिपोर्ट नरेश गुनानी
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21 नवम्बर 2025
जयपुर। पूर्वी राजस्थान की महत्वपूर्ण संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के अंतर्गत बनने वाले डूंगरी बांध को लेकर शुक्रवार को सचिवालय में मंत्री समूह ने प्रेस वार्ता की। मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बताया कि यह बांध परियोजना का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके निर्माण से सवाई माधोपुर और करौली जिले की 1 लाख 25 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी और लोगों को भरपूर पेयजल उपलब्ध होगा।
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कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने कहा कि इस परियोजना से सिर्फ 16 गांवों की आबादी डूब क्षेत्र में आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 76 गांवों के प्रभावित होने की बातें भ्रामक हैं। राज्य सरकार विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें नियमानुसार मुआवजा व आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेशहित में अत्यंत लाभकारी है। इससे भूमि सिंचित होगी, रोजगार बढ़ेंगे, किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र में समग्र विकास होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए संकल्पित है।
जल संसाधन मंत्री रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों के लिए संशोधित पीकेसी लिंक परियोजना का शुभारंभ किया था। राज्य सरकार इसे जल्द क्रियान्वित करने के लिए गंभीर है और डूंगरी बांध इसमें महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि इससे कालीसिंध, पार्वती और चम्बल नदियों का व्यर्थ बहकर समुद्र में जाने वाला पानी रोका जा सकेगा।
गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने बताया कि कुछ लोग परियोजना को लेकर अनावश्यक भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे गुमराह न हों और प्रदेशहित में बन रहे बांध के निर्माण में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र के अधिकांश गांव मोरेल और बनास नदी के बहाव से पहले ही प्रभावित रहते हैं। यह बांध इन्हीं नदियों के बहाव क्षेत्र को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, जिससे बारिश के समय आने वाली बाढ़ पर भी नियंत्रण मिलेगा।