मंगलवार को जिला परिषद सभागार में होगा जन संवाद कार्यक्रम
– राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की पहल
– पंचायती राज एवं नगर निकाय संस्थानों में ओबीसी के राजनैतिक प्रतिनिधित्व पर होगी चर्चा
– जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
नरेश गुनानी
जयपुर, 30 नवंबर।
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग द्वारा राज्य के ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, उसके निहितार्थों और अनुभवजन्य स्थिति का समसामयिक एवं प्रमाण-आधारित अध्ययन किया जा रहा है। इस अध्ययन के आधार पर आयोग स्थानीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण से संबंधित अपनी अनुशंसाएं निर्धारित अवधि में राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा।
आयोग द्वारा जयपुर जिले के लिए विचार एवं चर्चा कार्यक्रम (जन संवाद कार्यक्रम) का आयोजन जिला परिषद सभागार में मंगलवार, 2 दिसंबर 2025 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक किया जाएगा।
कार्यक्रम की तैयारियां और जिम्मेदारियों का निर्धारण
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
- अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेर सिंह लुहाड़िया को नोडल अधिकारी
- नगर निगम उपायुक्त कविता चौधरी को सह-नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कार्यक्रम का उद्देश्य
आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) मदनलाल भाटी के अनुसार, जन संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पहलुओं पर स्थानीय प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, प्रबुद्धजनों एवं हितधारकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना है। इससे आयोग को अनुभवजन्य तथ्य, व्यावहारिक सुझाव और वास्तविक परिस्थितियों से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि इस अध्ययन और संवाद प्रक्रिया के माध्यम से ओबीसी समुदाय की स्थिति, चुनौतियों और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को वैज्ञानिक और प्रमाणिक तरीके से समझने में मदद मिलेगी। इसी आधार पर आयोग अपनी अनुशंसाएं अधिक सटीक, प्रभावी और व्यावहारिक रूप में राज्य सरकार को भेज सकेगा।
आमजन की सहभागिता अपेक्षित
जन संवाद कार्यक्रम में आमजन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक प्रतिनिधियों और संबंधित नागरिकों की उपस्थिति अपेक्षित है, ताकि व्यापक विचार-विमर्श के माध्यम से ओबीसी समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक सुझाव प्राप्त हो सकें।