भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: बालोतरा शहरी सेवा शिविर में प्रभारी मंत्री कुमावत की सख्त कार्रवाई
जयपुर, 25 सितम्बर 2025।
नरेश गुनानी
बालोतरा नगर परिषद क्षेत्र में बुधवार को आयोजित शहरी सेवा शिविर के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने निरीक्षण के दौरान भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने का संदेश दिया। उन्होंने मौके पर ही एक ई-मित्र संचालक का लाइसेंस निरस्त कर तत्काल कार्रवाई कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनसेवा में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली पर लाइसेंस रद्द
शिविर में मंत्री कुमावत को सूचना मिली कि वार्ड संख्या 11, 12 और 13 में कार्यरत ई-मित्र संचालक पवन प्रजापत आमजन से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने मौके पर मौजूद अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए ई-मित्र संचालक का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
दिवाली से पूर्व शहर को रोशन करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमावत ने नगर परिषद को निर्देश दिए कि बकाया 250 पट्टों की फाइलों की जांच कर उन्हें विधि सम्मत पाए जाने पर शहरी सेवा शिविरों की समाप्ति से पूर्व आवंटित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि शहर की सभी रोड लाइटों की मरम्मत और जहां नई लाइट की आवश्यकता हो वहां नई लाइटें लगाकर दिवाली से पहले पूरे शहर को रोशन किया जाए।
सीवरेज कार्य पर नाराज़गी, अधिकारियों को फटकार
मंत्री कुमावत ने रूडिप अधिकारियों को भी सीवरेज कार्य में हो रही देरी और अव्यवस्था पर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सीवरेज का काम स्पष्ट कार्ययोजना के साथ किया जाए ताकि आमजन को असुविधा न हो। प्रत्येक वार्ड की हर गली में काम पूरा होने के बाद ही अगला चरण शुरू किया जाए। साथ ही सीवरेज कार्य के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को तुरंत दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए।
जनता के प्रति संवेदनशीलता पर जोर
प्रभारी मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और भ्रष्टाचार व लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यह सख्त निरीक्षण और त्वरित निर्णय स्थानीय प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि जनहित के कार्यों में लापरवाही या भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।