भूमाफ़िया गिरफ्तार: जयपुर पश्चिम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ₹5000 का इनामी अपराधी दबोचा गया
गौरव कोचर
जयपुर,4 अक्टूबर 2025।
जयपुर पश्चिम जिले की बिंदायका थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 5000 रुपये के इनामी भूमाफ़िया महेन्द्र सिंह उर्फ महेन्द्रसिंह बगड़ावत सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। आरोपी कई थानों में दर्ज दर्जनों धोखाधड़ी के मामलों में वांछित था और जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में करोड़ों रुपये के फर्जी भूखण्ड बेचकर लोगों से ठगी कर चुका है।
साजिश और धोखाधड़ी का खुलासा
पुलिस के अनुसार आरोपी जयपुर की “जमवारामगढ़ गृह निर्माण सहकारी समिति लि.” का अध्यक्ष रहा है। उसने समिति के नाम पर लोगों को नकली पट्टे जारी कर करोड़ों रुपये की ठगी की। शांत बुटोलिया नामक व्यक्ति ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी और उसके साथियों ने नवभारत गृह निर्माण सहकारी समिति, सत्या नगर, बिंदायका में फर्जी दस्तावेज बनाकर ज़मीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास किया।
इस पर बिंदायका थाने में मुकदमा संख्या 151/2024 दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471 और 120बी के तहत प्रकरण दर्ज हुआ।
पुलिस की विशेष टीम का संचालन
डीसीपी जयपुर पश्चिम हनुमान सहाय के निर्देशन में, एडीसीपी आलोक सिंघल और एसीपी हेमेंद्र शर्मा की देखरेख में थाना अधिकारी विनोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में हेड कांस्टेबल महेश कुमार (कांस्ट. 10801) और जुगल किशोर (कांस्ट. 11167) सहित साइबर सेल के अधिकारियों को शामिल किया गया।
आरोपी बेहद शातिर अपराधी था जो अलग-अलग मोबाइल नंबरों और पहचान बदलकर फरारी काट रहा था। पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया और लगातार कई दिनों तक विभिन्न स्थानों पर भेष बदलकर निगरानी की।
अंततः धर दबोचा गया आरोपी
लगातार अथक प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी को जयपुर के कनकवृंदावन, गांधीपथ स्थित किराए के मकान से गिरफ्तार किया। आरोपी झुंझुनूं जिले के खेतड़ी तहसील की ढाणी बाड़ान का निवासी है।
गिरफ्तारी के समय आरोपी के खिलाफ जयपुर, चौमू, झोटवाड़ा और चाकसू थानों में भी कई मुकदमे लंबित पाए गए, जिनमें से अधिकांश में वह फरार चल रहा था।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार महेन्द्र सिंह के खिलाफ जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र के कई थानों में 13 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2005 से 2021 के बीच दर्ज मुकदमे शामिल हैं। इन सभी में उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त की।
पुलिस टीम को मिली सफलता
डीसीपी हनुमान सहाय ने बताया कि इस गिरफ्तारी में विशेष भूमिका निभाने वाले महेश कुमार और जुगल किशोर को विशेष रूप से सराहा गया है। दोनों ने भेष बदलकर कई दिनों तक आरोपी की लोकेशन ट्रैक की और अंततः उसे धर दबोचे।