भिवाड़ी/नरेश गुनानी/राजस्थान में बिना लाइसेंस के चल रहे अवैध दवा कारोबार के खिलाफ औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ा अभियान छेड़ते हुए भिवाड़ी में भारी मात्रा में दवाइयां और उपकरण जब्त किए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य की दवाइयां, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है। मौके से करीब 1500 कार्टन दवाइयां जब्त करने के साथ ही 9 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
गोपनीय सूचना पर संयुक्त टीम की कार्रवाई
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, प्रदेश में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले बिना लाइसेंस के दवा कारोबारियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जा रही है। इसी के तहत औषधि नियंत्रण आयुक्तालय मुख्यालय जयपुर, अलवर और दौसा के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने भिवाड़ी स्थित ‘स्ट्रेन हेल्थ केयर’ के बिना लाइसेंस संचालित गोदाम पर आकस्मिक छापा मारा।
विभिन्न राज्यों की कंपनियों की दवाइयां बरामद
जांच के दौरान गोदाम में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की विभिन्न दवा निर्माता कंपनियों द्वारा बनाई गई दवाइयां पाई गईं, जिन्हें स्ट्रेन हेल्थ केयर द्वारा खुले बाजार में अवैध रूप से बेचा जा रहा था। बरामद प्रमुख दवाइयों में शामिल हैं:
- कंडोर हेल्थकेयर, लालरू (पंजाब): टेबलेट मेडिक्ब-55 (डायक्लोफ़ेनेक सोडियम 50 एमजी) एवं टेबलेट एरिक्वा
- ओपल हेल्थकेयर, करनाल (हरियाणा): टेबलेट चका पैन एक्सट्रा, टेबलेट लेडीनेक्स एवं टेबलेट हाइग्रा 200
- एलेक्सा फार्मास्युटिकल्स, बड्डी, सोलन (हिमाचल प्रदेश): टेबलेट पिलप्रोफ़ॉक्सेसिन-500
- यूनिशार्प ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लालरू, मोहाली (पंजाब): टेबलेट ऑक्सीपर प्लस सहित अन्य दवाइयां
नशीली दवाओं का कच्चा माल और एक्सपायर्ड दवाएं भी जब्त
छापेमारी के दौरान गोदाम से दवा निर्माण में काम आने वाला कच्चा माल भी बरामद किया गया, जिसमें टेपेंटाडॉल, प्रेगबालिन और कोट्रीमोक्साजोल जैसे संवेदनशील और नियंत्रित साल्ट शामिल हैं। इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री, दवा निर्माण से जुड़े उपकरण और भारी मात्रा में एक्सपायर्ड (अवधि पार) सिल्डेनाफिल की गोलियां भी पाई गईं।
तीन पड़ोसी राज्यों को भेजी गई सूचना, टीमें रवाना
औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि जिन बाहरी कंपनियों की दवाइयां मौके से बरामद हुई हैं, उनके संदर्भ में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के औषधि प्रशासन को औपचारिक सूचना भेज दी गई है। मामले की तह तक पहुंचने और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच के लिए संबंधित राज्यों में अधिकारियों की विशेष टीमें रवाना की गई हैं।
जांच दल में शामिल अधिकारी
यह पूरी कार्रवाई औषधि नियंत्रक अजय फाटक के निर्देशन में सहायक औषधि नियंत्रक (आयुक्तालय मुख्यालय) सुभाष मुटनेजा, सहायक औषधि नियंत्रक (अलवर) महेन्द्र जोनवाल, सहायक औषधि नियंत्रक (दौसा) रामकेश मीणा तथा जयपुर, दौसा, अलवर और भरतपुर के औषधि नियंत्रण अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।
गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया कि दवाओं की गुणवत्ता और वैध वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में यह निगरानी अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।