कृष्ण-सुदामा प्रसंग ने भक्तों को किया भावविभोर
| योगेश शर्मा
जयपुर। राजधानी के प्रताप नगर, सांगानेर क्षेत्र में भक्ति औरअध्यात्म की सरिता बह रही है। यहाँ आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सामाजिक सरोकारों में अग्रणी संस्था भारत विकास परिषद (सांगानेर शाखा) की कार्यकारिणी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परिषद के पदाधिकारियों ने व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक का अभिनंदन किया और पवित्र भागवत पोथी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
कृष्ण-सुदामा की मित्रता का जीवंत वर्णन
कथा आयोजक डॉ. संजीव गुप्ता और देवानंद गुप्ता ने बताया कि कथा के विशेष सत्र में भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कथावाचक ने जब सुदामा की दीनदशा और भगवान कृष्ण द्वारा अपने सखा के प्रति दिखाए गए अनन्य प्रेम व उदारता का वर्णन किया, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के सार में बताया गया कि सच्ची मित्रता निस्वार्थ भाव और समर्पण पर टिकी होती है, जो आज के युग में भी प्रासंगिक है।
परिषद के पदाधिकारी रहे मौजूद
इस आध्यात्मिक आयोजन में भारत विकास परिषद के वरिष्ठ सदस्यों और पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पोथी पूजन और आरती के समय परिषद के आर.एस. त्यागी, मोहन लाल गर्ग, योगेंद्र गुप्ता, जगरूप सिंह, अनिल गुप्ता, अरुण गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, विजय पारीक सहित कार्यकारिणी के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं का उमड़ा हुजूम
प्रताप नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं। सांगानेर के स्थानीय निवासियों ने भी आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कथा के अंत में उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया और भजनों पर झूमते श्रद्धालुओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
