गौरव कोचर/भारत और मोरक्को के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 24 से 25 अगस्त, 2026 तक मोरक्को साम्राज्य की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दो दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार के विविधीकरण और बाजार पहुंच के विस्तार पर उच्च स्तरीय चर्चा होगी।
भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग का 7वां सत्र
दौरे के मुख्य एजेंडे के तहत जितिन प्रसाद मोरक्को के विदेश व्यापार प्रभारी उद्योग और व्यापार राज्य मंत्री उमर हेजिरा के साथ ‘भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग’ के 7वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे।
बैठक में दोनों देशों के आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी:
- व्यापार, बाजार पहुंच और सीमा शुल्क
- उर्वरक उत्पादन एवं निर्बाध आपूर्ति
- औद्योगिक सहयोग और निवेश
- डिजिटल परिवर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी
- फार्मास्यूटिकल्स, आयुष और स्वास्थ्य सेवा
- ऊर्जा, खनन एवं नवीकरणीय ऊर्जा
- कृषि, खाद्य सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा और पर्यटन
महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना
इस आधिकारिक यात्रा के दौरान दो अहम समझौतों पर सहमति बनने की उम्मीद है:
- खाद्य सुरक्षा समझौता (MoU): मोरक्को के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय (ONSSA) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के बीच साझेदारी होगी। इसके तहत आयातित खाद्य पदार्थों की सुरक्षा, परीक्षण प्रयोगशालाओं के मानकों, पैकेजिंग, लेबलिंग और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (2026–2030): इसके जरिए कलाकारों के आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण, फिल्म व कला प्रदर्शनियों तथा दोनों देशों के संग्रहालयों और पुस्तकालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
व्यापारिक पृष्ठभूमि और भावी संभावनाएं
भारत और मोरक्को के बीच वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 4 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
- भारत से निर्यात: परिष्कृत पेट्रोलियम, फार्मास्यूटिकल्स, वाहन, सिंथेटिक वस्त्र, खाद्य उत्पाद और मसाले।
- मोरक्को से आयात: फॉस्फेट और रासायनिक उर्वरक।
जितिन प्रसाद रबात में मोरक्को के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों के अलावा ‘भारत-मोरक्को संयुक्त व्यापार मंच’ को भी संबोधित करेंगे और प्रमुख व्यापारिक नेताओं के साथ निवेश और संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं पर संवाद करेंगे। वर्ष 2027 में दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ से पहले हो रही यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी और आर्थिक ढांचे को नई गति प्रदान करेगी।