नई दिल्ली/ गौरव कोचर/भारत में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व सुधारों और इसके वैश्विक प्रभाव को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। नीदरलैंड की महारानी मैक्सिमा ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। महारानी मैक्सिमा संयुक्त राष्ट्र महासचिव की ‘वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि’ (UNSGSA) के रूप में भारत के दौरे पर हैं और लंबे समय से वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन की पुरजोर समर्थक रही हैं।
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत के डिजिटल बदलावों और वित्तीय सेवाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के प्रयासों पर गहन चर्चा हुई।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर मुख्य चर्चा
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) आधारित क्रांति रही।
बैठक के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुँच: भारत के DPI मॉडल ने वित्तीय सेवाओं को समाज के हर वर्ग के लिए अधिक सुलभ, सुगम और पारदर्शी बना दिया है।
- ईज़ ऑफ लिविंग (जीवन की सुगमता): डिजिटल तकनीकों और पहलों के कारण आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है और रोजमर्रा के कामकाज आसान हुए हैं।
- सशक्तिकरण: इस तकनीकी क्रांति ने बड़े पैमाने पर लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया है।
वैश्विक स्तर पर अनुभव साझा करने की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात को पुरजोर तरीके से दोहराया कि भारत अपनी इस सफलता और अनुभवों को दुनिया के अन्य भागीदार देशों के साथ साझा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत का मानना है कि विकासशील और वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत का डिजिटल मॉडल एक बेहतरीन ब्लूप्रिंट साबित हो सकता है।
महारानी मैक्सिमा ने भी वित्तीय समावेशन और लोगों के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारने की दिशा में भारत द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। इस मुलाकात को वैश्विक वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।