जयपुर/नई दिल्ली/ नरेश गुनानी/नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आयोजित देशव्यापी आउटरीच अभियान के तहत ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई समिट) 2026’ का पहला क्षेत्रीय रोडशो जयपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंत्रालय ने घोषणा की कि भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में 300 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है, जो 2030 तक 500 गीगावाट के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां
- 300 गीगावाट का आंकड़ा पार: 31 जुलाई 2026 तक देश की गैर-जीवाश्म आधारित क्षमता 300.50 गीगावाट दर्ज की गई।
- कुल उत्पादन में हिस्सेदारी: भारत के कुल बिजली उत्पादन में गैर-जीवाश्म स्रोतों का योगदान 54% से अधिक हो गया है।
- 2030 का लक्ष्य: भारत 2030 तक निर्धारित 500 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य का 60% से अधिक हिस्सा हासिल कर चुका है।
जयपुर रोडशो की मुख्य बातें
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL), इंडियन विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IWTMA), विंड इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (WIPPA) और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स डेवलपर्स एसोसिएशन (SPDA) के सहयोग से आयोजित इस रोडशो में नीति निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने विचार साझा किए:
- राजस्थान का मॉडल: RRECL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता ने कहा कि राजस्थान सौर ऊर्जा के साथ-साथ विंड-सोलर हाइब्रिड, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है।
- वैश्विक साझेदारी: IWTMA सचिव दिनेश जगदले ने समिट को सरकार, निवेशकों और तकनीकी भागीदारों के बीच संवाद का अहम मंच बताया।
- पवन एवं सौर ऊर्जा का संतुलन: WIPPA कोषाध्यक्ष एवं यनारा के सीईओ नवीन खंडेलवाल ने रेखांकित किया कि पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा के साथ मिलकर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति में मदद करती है।
- राष्ट्रीय लक्ष्यों का एकीकरण: MNRE के संयुक्त सचिव राजेश कुलहरि ने बताया कि यह सम्मेलन पूरी मूल्य श्रृंखला को एक मंच पर लाएगा और नीतिगत लक्ष्यों को निवेश योग्य परियोजनाओं में बदलेगा।
- डिजिटल पहल व तकनीकी सत्र: MNRE वैज्ञानिक पी.के. दास ने बीआरईएसई 2026 की रणनीतिक रूपरेखा प्रस्तुत की और डिजिटल पोर्टल व मोबाइल ऐप का लाइव प्रदर्शन किया। सत्र का समापन SPDA गवर्निंग काउंसिल सदस्य रवि वर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
आगामी देशव्यापी रोडशो
जयपुर से शुरू हुआ यह अभियान आने वाले हफ्तों में मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ, बेंगलुरु और कोलकाता में आयोजित किया जाएगा।
बीआरई समिट (BRESE) 2026 का स्वरूप
- आयोजन तिथि एवं स्थान: 2 से 5 नवंबर 2026, भारत मंडपम, नई दिल्ली।
- थीम: “इनवेस्ट, इन्नोवेट, इंस्पायर” (Invest, Innovate, Inspire)।
- सह-आयोजन: इसके साथ इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA) असेंबली का 9वां सत्र और चौथी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्रीन हाइड्रोजन (ICGH) भी आयोजित होगी।
- वैश्विक भागीदारी: 75 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राज्य सरकारें, 250 से अधिक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि, 500 से अधिक वक्ता, 80 से अधिक विशेष सत्र और 400 से अधिक प्रदर्शक इसमें हिस्सा लेंगे।