भारत और वियतनाम के संबंधों में नया अध्याय: ‘इनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का आगाज़, रक्षा और व्यापार पर बड़ा फैसला

प्रीति बालानी 

नई दिल्ली, 6 मई 2026

​भारत और वियतनाम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए और ऊँचे स्तर पर ले जाने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और राष्ट्रपति तो लम की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय चर्चा के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अब दोनों देशों की साझेदारी ‘Enhanced Comprehensive Strategic Partnership’ के स्तर पर होगी।

साझा विरासत और सांस्कृतिक जुड़ाव

​प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति तो लम का स्वागत करते हुए उनकी भारत यात्रा की शुरुआत बोध गया से करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हमारे साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों का प्रमाण है।

  • सांस्कृतिक संरक्षण: प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत वियतनाम की प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ वहां की प्राचीन पांडुलिपियों (Manuscripts) को डिजिटल करने में सहयोग करेगा।
  • बौद्ध अवशेष: पिछले वर्ष भारत से वियतनाम भेजे गए बौद्ध अवशेषों के दर्शन वियतनाम की 15% आबादी ने किए, जो दोनों देशों के बीच के गहरे भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।

आर्थिक और व्यापारिक लक्ष्य: 2030 तक 25 बिलियन डॉलर

​पिछले एक दशक में भारत और वियतनाम का व्यापार दोगुना होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। इसे 2030 तक 25 बिलियन डॉलर पहुँचाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए:

  • कृषि निर्यात: भारत के अंगूर और अनार अब वियतनाम के बाजारों में उपलब्ध होंगे, जबकि वियतनाम के डूरियन और पोमेलो फल भारत आएंगे।
  • फार्मा सेक्टर: दवाओं के रेगुलेशन (MOU) पर हुए समझौते से भारतीय दवाओं की वियतनाम में पहुंच सुगम होगी।
  • ट्रेड एग्रीमेंट: भारत-आसियान ट्रेड एग्रीमेंट (AITIGA) को इसी वर्ष के अंत तक अपडेट करने पर सहमति बनी है।

डिजिटल और वित्तीय कनेक्टिविटी (UPI की एंट्री)

​कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का UPI और वियतनाम का फास्ट पेमेंट सिस्टम जल्द ही लिंक किए जाएंगे। इससे दोनों देशों के बीच वित्तीय लेनदेन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।

सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक विजन

​वियतनाम को भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘विजन महासागर’ का मुख्य स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था (Rule-of-law) के लिए प्रतिबद्ध हैं।

​”रक्षा और सुरक्षा सहयोग के माध्यम से हम क्षेत्र में समृद्धि के प्रति योगदान देते रहेंगे।” – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 

आतंकवाद के विरुद्ध साझा मोर्चा

​प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में भारत का साथ देने के लिए वियतनाम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में एक-दूसरे के विकास के सहायक बनेंगे।

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