नई दिल्ली, 20 जून 2026 | गौरव कोचर
भारत और दक्षिण कोरिया ने लोक प्रशासन और डिजिटल शासन के क्षेत्रों में अपने आपसी सहयोग को और अधिक गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया गणराज्य के गृह एवं सुरक्षा मंत्री युन होजुंग ने आज कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच डिजिटल शासन, ई-गवर्नेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्रों में संभावित सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक द्विपक्षीय वार्ता की।

संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण और ऐतिहासिक संबंध
कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित एक विशेष रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष अप्रैल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान अंतिम रूप दिए गए संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण वक्तव्य का विशेष रूप से उल्लेख किया।
डॉ. सिंह ने कहा:
”हम दो प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाएं हैं जो एक विशेष रणनीतिक साझेदारी साझा करती हैं और यह ऐतिहासिक तथा भविष्योन्मुखी दोनों ही है। भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं जो अपने साझा मूल्यों, विरासत और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुए अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और दक्षिण कोरियाई राजा किम सूरो के बीच वैवाहिक संबंधों का भी जिक्र किया, जिसका महत्व आज भी दोनों देशों में गहराई से माना जाता है। इसके साथ ही उन्होंने कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने में अतिथि मंत्री युन होजुंग के योगदान की सराहना की।
डिजिटल शासन और सेवा वितरण में भारत की प्रगति
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल शासन, सार्वजनिक सेवा वितरण और शिकायत निवारण तंत्र में भारत द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सीपीग्राम (CPGRAMS), डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और विभिन्न प्रौद्योगिकी-आधारित शासन प्लेटफार्मों जैसी पहलों ने देश में पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया है।
दूसरी ओर, कोरियाई पक्ष ने भी स्मार्ट शासन, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और आपदा एवं सुरक्षा प्रबंधन में अपने अनुभवों को साझा किया।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र और भावी योजनाएं
राष्ट्रपति ली जे म्युंग की हालिया यात्रा के सकारात्मक परिणामों की चर्चा करते हुए बताया गया कि व्यापार और निवेश, बंदरगाह व समुद्री मामले, डिजिटल और फिनटेक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति तथा खेल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया:
- डिजिटल रूपांतरण: सरकारी सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण और लोक प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का अनुप्रयोग।
- क्षमता निर्माण: सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण और शासन में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना।
- शिकायत निवारण: सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणालियों में सर्वोत्तम तौर-तरीकों का आदान-प्रदान।
- एमओयू (MoU) पर चर्चा: दोनों देशों के मंत्रालय लोक प्रशासन और सरकारी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आमंत्रण
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस बैठक में डॉ. जितेन्द्र सिंह ने दक्षिण कोरिया में योग की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को भारत में आयोजित होने वाले योग समारोह में भाग लेने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया।
बैठक का समापन बेहद सकारात्मक माहौल में हुआ, जिसमें दोनों नेताओं ने उभरती शासन संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए लोगों के बीच संपर्क और संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ एक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।