योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान चैंबर भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में ‘भारतीय संस्कृति के परिचायक सिक्के’ नामक पुस्तक का भव्य विमोचन किया गया। स्वर्गीय डॉ. नरेंद्र कुमार जैन द्वारा लिखित इस महत्वपूर्ण कृति का विमोचन राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (RCCI) के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन द्वारा किया गया।
यह आयोजन न केवल साहित्यिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अनूठा रहा, बल्कि पारिवारिक और भावनात्मक रूप से भी बेहद खास था। लेखक डॉ. नरेंद्र कुमार जैन की सुपुत्री डॉ. अंजना बैराठी ने अपने पूज्य पिता की पुण्यतिथि के अवसर पर इस ज्ञानवर्धक पुस्तक का विमोचन कराकर उन्हें एक सच्ची और अद्वितीय श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्राचीन काल से वर्तमान तक के सिक्कों का सटीक संकलन
कार्यक्रम के संयोजक बसंत जैन बैराठी ने पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस कृति में प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक के सिक्कों की संपूर्ण और प्रामाणिक जानकारी का समावेश किया गया है। उन्होंने कहा:
”इतिहास के अन्य स्रोतों में बदलाव संभव है, लेकिन सिक्कों पर अंकित जानकारी पूरी तरह सटीक होती है और उसमें कोई हेर-फेर नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि यह किताब भारतीय इतिहास के शोधार्थियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।”
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने डॉ. अंजना बैराठी के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बेटी द्वारा किताब के माध्यम से अपने पिता की स्मृतियों और उनके शोध को जीवित रखने का यह प्रयास समाज के लिए बेहद सराहनीय और प्रेरणास्पद है।
सिक्कों की परंपरा हिंदुस्तान की पहचान: डॉ. के.एल. जैन
विमोचन के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. के.एल. जैन ने कहा कि भारत में सिक्कों की परंपरा किसी न किसी रूप में हजारों सालों से अनवरत चल रही है। समय के बदलाव के साथ-साथ प्राचीन राजाओं, मुगल काल, ब्रिटिश शासन और फिर भारत के आजाद होने के बाद से आज तक हजारों तरह के सिक्के चलन में आए हैं। इन सभी कालखंडों के सिक्कों का एक जगह संकलन करना और उनका परिचय देना वास्तव में एक युगांतरकारी और सराहनीय कार्य है।
आने वाली पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर: राजीव अरोड़ा
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व मंत्री राजीव अरोड़ा ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह अनूठी पुस्तक आने वाली युवा पीढ़ी और भारतीय इतिहास तथा मुद्राशास्त्र (Numismatics) में रुचि रखने वालों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में सहायक सिद्ध होगी।
समारोह में उमड़ी शहर की नामचीन हस्तियां
इस गरिमामयी विमोचन समारोह में जयपुर के प्रशासनिक, व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गज उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लेखक की धर्मपत्नी सीता बैराठी, रमेश बैराठी, प्रमुख समाजसेवी बेला और जैन स्टडीज के पूर्व निदेशक डॉ. पी.सी. जैन मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रमुख उपस्थित पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक:
- उद्योग व व्यापार जगत से: एआरजी (ARG) ग्रुप के चेयरमैन आत्माराम गुप्ता, अनुकंपा ग्रुप के चेयरमैन व चैंबर के उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता, डॉ. अरुण अग्रवाल।
- राजस्थान चैंबर व व्यापार महासंघ से: कार्यकारी अध्यक्ष आर.एस. जैमिनी, मानद महासचिव आनंद महरवाल, अतिरिक्त सचिव जगदीश सोमानी, डी.एस. भंडारी, जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल, मंत्री सुरेश सैनी।
- मुद्रा व साहित्य जगत से: राजस्थान मुद्रा परिषद के अध्यक्ष राजेश कोठारी, विमल बज, ज्ञान झांझरी।
- महिला व समाज प्रतिनिधि: मानद सचिव मोनिका माहरवाल, चांदनी जग्गा सहित बैराठी एवं जैन परिवार के तमाम सदस्य और प्रबुद्धजन।
कार्यक्रम के समापन पर पुस्तक की प्रकाशिका डॉ. अंजना बैराठी ने समारोह में पधारे सभी अतिथियों, विद्वानों और परिवारजनों का आभार व्यक्त किया।