भाजपा पर बरसे धर्मेंद्र राठौड़, संवैधानिक पदों की पैरवी करने पर उठाए सवाल
रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर, संपादन लोकेंद सिंह शेखावत, टेलीग्राफ टाइम्स।
अजमेर, 16 सितम्बर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने भाजपा के विरोध प्रदर्शनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। गांधी भवन चौराहे पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ हुए भाजपा के प्रदर्शन और पुतला दहन की निंदा करते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बौखलाहट साफ झलक रही है। विपक्ष के सवालों और मुद्दों का सामना करने की बजाय वे कभी राज्यपाल के बचाव में तो कभी चुनाव आयोग की पैरवी में उतर आते हैं।
विधानसभा में कैमरे लगाने पर आपत्ति
राठौड़ ने विधानसभा में लगाए जा रहे कैमरों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन कैमरों का उद्देश्य विधायकों की जासूसी करना है। भाजपा इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के बजाय प्रदर्शन कर रही है, जिससे साफ है कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की डबल इंजन सरकार लगातार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर भी निशाना साधा और कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए वे भाजपा नेता की तरह आचरण कर रहे हैं और इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
राहत सामग्री वितरण पर भी सवाल
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष ने अतिवृष्टि प्रभावित परिवारों की मदद के नाम पर हंस पैराडाइज में चेक और नकद राशि वितरण पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष देवनानी स्वयं मौजूद थे और भाजपा नेता व कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब देवनानी पार्टी के नहीं बल्कि संवैधानिक पद पर हैं, तो भाजपा उनके बचाव और पैरवी में क्यों उतर रही है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि यह वितरण कार्यक्रम दरअसल भाजपा के अपने ही नेता के पक्ष में आयोजित प्रदर्शन जैसा प्रतीत होता है।
सूची सार्वजनिक करने की मांग
राठौड़ ने मांग की कि राहत सामग्री वितरण की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसे कितनी राशि दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में भेदभाव किया गया है। साथ ही याद दिलाया कि एक दिन पहले प्रभावित महिलाओं ने भी विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ विरोध जताया था और चेक व नकद राशि बांटने की प्रक्रिया तथा सर्वे पर सवाल खड़े किए थे।
कांग्रेस का राज्यपाल को ज्ञापन
राठौड़ ने बताया कि कांग्रेस नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली—ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर विधानसभा में कैमरे लगाने का विरोध किया है। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि कैमरे किस मद से लगाए गए और विधानसभा अध्यक्ष के पास कंट्रोल रूम क्यों स्थापित किया गया।