भाजपा को मिल सकती है पहली महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष: नए नामों पर मंथन तेज

भाजपा को मिल सकती है पहली महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष: नए नामों पर मंथन तेज

Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 04,2025

(अवधेश बामल) /नई दिल्ली:
भारतीय जनता पार्टी (BJP) में एक बड़े संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। पार्टी ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया है। इस बार यह बदलाव ऐतिहासिक हो सकता है, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा पहली बार किसी महिला नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है।

महिला नेतृत्व की ओर बड़ा कदम?

लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली जैसे बड़े राज्यों में महिलाओं के बीच खासा समर्थन मिला था। दिल्ली में तो भाजपा ने एक महिला नेता को मुख्यमंत्री तक बनाया। अब महिला मतदाताओं को और मजबूती से जोड़ने के लिए पार्टी संगठन के शीर्ष पद पर भी महिला को नियुक्त करने की योजना पर विचार कर रही है।

नड्डा का कार्यकाल समाप्त, अब नए चेहरे की तैयारी

भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो गया था, जिसे बाद में जून 2024 तक के लिए बढ़ाया गया। अब पार्टी की रणनीति है कि जल्द ही एक नए नाम की घोषणा की जाए और आगामी विधानसभा चुनावों व 2029 की तैयारी शुरू की जाए।

महिला प्रेसिडेंट की रेस में तीन बड़े नाम:

1. निर्मला सीतारमण – ताकतवर, अनुभवी और दक्षिण भारत का चेहरा

देश की मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भाजपा के सबसे मजबूत चेहरों में से एक हैं। वे लंबे समय से केंद्र सरकार में रक्षा और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का संचालन कर रही हैं।
हाल ही में उनकी भाजपा मुख्यालय में पार्टी के शीर्ष नेताओं जेपी नड्डा और बीएल संतोष के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी चर्चा में रही।
उनका दक्षिण भारत से होना भाजपा के लिए क्षेत्रीय संतुलन और विस्तार की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

2. वनाथी श्रीनिवासन – महिला मोर्चा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, मजबूत संगठनकर्ता

कोयंबटूर दक्षिण से विधायक और पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन का नाम भी जोर पकड़ रहा है।
वे 1993 से भाजपा से जुड़ी हैं और संगठनात्मक कार्यों में काफी सक्रिय रही हैं।
महिला मोर्चा में उनके नेतृत्व को सराहा गया था और वे मूलभूत स्तर पर संगठन को मजबूत करने की क्षमता रखती हैं।

3. डी. पुरंदेश्वरी – अनुभवी, अनुशासित और समर्पित नेता

पूर्व केंद्रीय मंत्री और आंध्र प्रदेश भाजपा की पूर्व अध्यक्ष डी. पुरंदेश्वरी भी अध्यक्ष पद की रेस में मानी जा रही हैं।
वे एनटी रामाराव की बेटी हैं और भारतीय संस्कृति से जुड़े अभियानों जैसे “ऑपरेशन सिंदूर” में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं।
उनके अनुभव और समर्पण को देखते हुए पार्टी उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है।


भाजपा के लिए नई दिशा तय करेगी यह नियुक्ति

नया अध्यक्ष केवल पार्टी संगठन का प्रमुख नहीं होगा, बल्कि 2029 की तैयारी, राज्यों में भाजपा की स्थिति को मजबूत करना, युवा और महिला मतदाताओं को साधना जैसे अहम कार्य उसके कंधों पर होंगे।
अगर भाजपा इस बार किसी महिला को कमान सौंपती है, तो यह पार्टी के इतिहास में पहली बार होगा और राजनीति में महिला नेतृत्व की नई इबारत लिखी जाएगी।

भाजपा संसदीय बोर्ड की अगली बैठक में हो सकता है नाम का ऐलान।

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