जयपुर | योगेश शर्मा | राजधानी जयपुर में सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। अखिल भारतीय पूर्विया (राजपूत) समाज, गुरुद्वारा दयालपुरा के तत्वावधान में एक भव्य जागरण का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और अपार उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पूरा परिसर भक्तिमय धुनों, जयकारों और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

भजन गायकों ने बांधा समां, देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु
जागरण में आमंत्रित प्रसिद्ध भजन गायकों और कलाकारों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। भगवान के भजनों की सुमधुर तानों पर श्रद्धालु देर रात तक भाव-विभोर होकर झूमते और तालियां बजाते रहे।
भक्तिमय प्रस्तुतियों के चलते पूरा वातावरण सनातन संस्कृति, धार्मिक निष्ठा और हिंदुत्व की भावना से ओतप्रोत बना रहा।
समाज की एकता और संस्कृति संरक्षण का संदेश
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर समाज की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं को जीवित रखना तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संरक्षण व संवर्धन करना है।
सनातन धर्म के प्रति समर्पित रहने का आह्वान
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित विश्व हिंदू महासंघ भारत (राजस्थान युवा प्रकोष्ठ) के प्रदेशाध्यक्ष धीरज सिंह चौहान ने सभी आयोजकों और श्रद्धालुओं को इस सफल व भव्य आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
समारोह को संबोधित करते हुए धीरज सिंह चौहान ने कहा:
“हमारी संस्कृति और धार्मिक परंपराएं ही हमारी पहचान हैं। प्रत्येक नागरिक को अपनी जड़ों से जुड़कर सनातन धर्म और समाज के उत्थान के लिए निरंतर समर्पित रहना चाहिए।”
श्रद्धालुओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पूर्विया राजपूत समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा और धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में प्रभु की आरती उतारकर सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।