रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर
जयपुर। मानवता, सेवा और प्रतिभा के संगम का साक्षी बना जयपुर का सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी परिसर। यहाँ भव्या फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन और ग्लोबल डायमंड आइकॉन अवार्ड-2026’ का गरिमामय आयोजन किया गया। जगतपुरा स्थित कालिंदी ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में न केवल कला और उद्योग, बल्कि समाज के उन नायकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।
मुख्य आकर्षण: ऑटिज्म वॉरियर्स और विशेष योग्यजनों का सम्मान
इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से कैंसर पीड़ितों, ऑटिस्टिक बच्चों और विशेष योग्यजनों को समर्पित रहा। कार्यक्रम में 15 देशों के अवार्डियों सहित देश-प्रदेश की 200 प्रतिभाओं को नवाजा गया। बाल बसेरा गृह के बच्चों और निर्मल विवेक स्पेशल स्कूल के विद्यार्थियों की नृत्य व गायन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

योगेंद्र गुप्ता को ‘डायमंड आइकॉन अवार्ड’ व विशिष्ट अतिथि सम्मान
जयपुर के प्रख्यात समाजसेवी योगेंद्र गुप्ता को समाज सेवा, गौ-सेवा और विभिन्न सामाजिक सरोकारों में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘ग्लोबल डायमंड आइकॉन अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया। उन्हें विशिष्ट अतिथि के रूप में भी गौरव प्रदान किया गया।
”यह पुरस्कार सिर्फ एक धातु का टुकड़ा नहीं, बल्कि वर्षों की कड़ी मेहनत, अटूट विश्वास और समर्पण का परिणाम है। यह सम्मान मुझे भविष्य में और अधिक सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करता है।”
— योगेंद्र गुप्ता (पुरस्कार प्राप्त करने के बाद)
दिग्गज विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति
फाउंडेशन के संस्थापक शैलेन्द्र माथुर और निदेशक डॉ. निशा माथुर ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी अशोक माहेश्वरी और दिल्ली के एडवोकेट राजीव कुमार रंजन द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में:
- कुसुम यादव (मेयर, जयपुर हेरिटेज)
- पवन अरोड़ा
- डॉ. जगदीश प्रसाद (उपनिदेशक, महिला अधिकारिता विभाग)
- अशोक जांगिड़ (एडिशनल डायरेक्टर, सामाजिक न्याय विभाग)
- चंद्र शेखर चौधरी (एडिशनल डायरेक्टर, विशेष योग्यजन विभाग)
- देशभर से आए अन्य विशिष्ट अतिथि जैसे डॉ. राहुल राज कुलश्रेष्ठ, प्रेम बिहारी माथुर, और डॉ. प्रियंका जैन उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक वैभव और पुरस्कारों की बौछार
कार्यक्रम में कला और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला:
- विशेष पुरस्कार: मास्टर शिवेन को ‘प्रसून पुरस्कार’ (5100/- नकद) और आरती वर्मा को ‘काकुल स्मृति सम्मान’ (2100/- नकद) दिया गया।
- प्रतिभा प्रदर्शन: मनीष बैरवा ने राजस्थान की ‘लाठी युद्ध कला’ दिखाई, वहीं जादूगर आर.पी. राजू के जादू और डॉ. नीता शर्मा के हवाई गिटार ने समां बांध दिया।
- ब्रांड एंबेसडर: डॉ. प्रियंका जैन, शुभा शुक्ला, और डॉ. रूचि सक्सेना सहित कई महिलाओं को फाउंडेशन का ब्रांड एंबेसडर चुना गया।
सामाजिक सरोकार की अनूठी पहल
केवल सम्मान ही नहीं, फाउंडेशन ने धरातल पर भी मदद पहुँचाई। चित्रा माथुर फाउंडेशन के सहयोग से जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। वहीं, ऑटिज्म वॉरियर्स और बाल गृह के बच्चों को स्कूल बैग, स्टेशनरी और टिफिन बॉक्स दिए गए। विशेष योग्यजन बच्चों द्वारा बनाई गई हस्तकला वस्तुओं की स्टाल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
यह समारोह साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, ज्योतिष, कृषि और फिल्म जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।