लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की प्रतिभाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन का साथ हो, तो आकाश की बुलंदियों को छुआ जा सकता है। आमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध शिला माता मंदिर के मुख्य पुजारी बनवारी लाल शर्मा की सुपुत्री अक्षिता भारद्वाज ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।
अक्षिता की इस गौरवशाली उपलब्धि ने आमेर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ दी है। विशेष बात यह है कि इस सफलता के पीछे परिश्रम के साथ-साथ एक सटीक आध्यात्मिक भविष्यवाणी का भी बड़ा हाथ रहा है।

राजयोग की भविष्यवाणी और कड़ा परिश्रम
अक्षिता की इस सफलता का पूर्वानुमान अंतरराष्ट्रीय स्तर के विख्यात भविष्यवक्ता पंडित रविंद्र आचार्य ने बहुत पहले ही लगा लिया था। पंडित आचार्य ने भविष्यवाणी की थी कि वर्ष 2026 में अक्षिता के जीवन में सेना में ‘राजयोग’ प्रबल है और वह देश सेवा के माध्यम से कुल का नाम रोशन करेगी।
आज जब यह भविष्यवाणी अक्षरशः सत्य साबित हुई है, तो पंडित रविंद्र आचार्य ने अक्षिता को बधाई देते हुए कहा:
”ज्योतिष केवल एक मार्गदर्शन (Guidance) है, लेकिन अंततः ‘कर्म’ ही प्रधान होता है। अक्षिता की अटूट मेहनत, अनुशासन और सेवा भाव का ही परिणाम है कि आज वह इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन हुई हैं।”
मंदिर परिसर में सम्मान समारोह और आभार
बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पिता बनवारी लाल शर्मा और समस्त परिवार ने हर्ष व्यक्त किया। इस अवसर पर आमेर शिला माता मंदिर परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पंडित रविंद्र आचार्य का आभार व्यक्त किया गया। मंदिर के पुजारियों और गणमान्य जनों ने आचार्य को माता की चुनरी ओढ़ाकर और पुष्पहार पहनाकर सम्मानित किया।
इस गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पुजारी ओम शर्मा, सुभाष शर्मा, किशन सिंह, महेश शर्मा, बिट्टू सिंह सहित क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे, जिन्होंने अक्षिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सटीक भविष्यवाणियों का रहा है लंबा इतिहास
गौरतलब है कि पंडित रविंद्र आचार्य अपनी सटीक गणनाओं के लिए देश-दुनिया में जाने जाते हैं। हाल ही में उन्हें दिल्ली दूरदर्शन केंद्र में उनकी सटीक भविष्यवाणियों के लिए ‘नेशनल अवार्ड’ से भी नवाजा गया है।
इससे पूर्व उन्होंने एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिला कर्नल दीपिका राठौड़ के करियर को लेकर भी सटीक भविष्यवाणी की थी, जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। अक्षिता की सफलता ने एक बार फिर ज्योतिषीय गणना और मानवीय पुरुषार्थ के अद्भुत संगम को सिद्ध कर दिया है।
