सुनील शर्मा
नई दिल्ली | 01 मई 2026
हिमाचल प्रदेश कैडर के 1995 बैच के अनुभवी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी भरत खेड़ा ने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के सचिव के रूप में आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया है। तीन दशकों से अधिक का शानदार प्रशासनिक अनुभव रखने वाले खेड़ा, इस पद पर आने से पहले उपभोक्ता मामले विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता
भरत खेड़ा की गिनती देश के सबसे शिक्षित और दूरदर्शी नौकरशाहों में होती है:
- इंजीनियरिंग: उन्होंने प्रतिष्ठित BITS पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है।
- उच्च शिक्षा: सिरैक्यूज़ विश्वविद्यालय के मैक्सवेल स्कूल से लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ‘चेवनिंग गुरुकुल फेलो’ रह चुके हैं।
- प्रबंधन: उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) से लोक नीति में उन्नत प्रबंधन कार्यक्रम भी पूरा किया है।
रक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान
खेड़ा का करियर राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में अहम रहा है:
- रक्षा मंत्रालय: 2014 से 2020 के बीच उन्होंने संयुक्त सचिव (वायु) के रूप में भारतीय वायु सेना के महत्वपूर्ण विषयों का प्रबंधन किया।
- राष्ट्रीय आयोजन: उन्होंने वर्ष 2017 से 2020 तक लगातार चार वर्षों तक गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय औपचारिक कार्यक्रमों के समन्वय की कमान संभाली।
- रक्षा उत्पादन: वे मझगांव डॉक और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड जैसे प्रमुख रक्षा उपक्रमों के निदेशक मंडल के सदस्य रहे, जहाँ उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पहल को नई गति प्रदान की।
- कैबिनेट सचिवालय: कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में उन्होंने वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े नीतिगत निर्णयों में रणनीतिक भूमिका निभाई।
हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक सेवाएं
राज्य स्तर पर भी उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्य करने के अलावा गृह, लोक निर्माण, ऊर्जा, और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों में प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने राज्य सड़क परिवहन और औद्योगिक विकास निगमों के प्रबंध निदेशक के रूप में जमीनी स्तर पर सुधार किए।
एमएसएमई क्षेत्र और भविष्य की राह
वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- जीडीपी योगदान: देश की जीडीपी में 30% से अधिक की हिस्सेदारी।
- रोजगार: विनिर्माण और निर्यात के जरिए करोड़ों लोगों को आजीविका प्रदान करना।
मिशन ‘विकसित भारत 2047’:
पदभार ग्रहण करने के बाद, भरत खेड़ा ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता एमएसएमई क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाना है। उनका लक्ष्य इस क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से लैस करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है, ताकि ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने में यह मंत्रालय इंजन की तरह काम कर सके।