भरतपुर हादसा: बारिश के बाद मिट्टी ढहने से 4 लोगों की मौत, 2 घायल | राहत कार्य जारी
(भरतपुर, 29 जून 2025)
रिपोर्ट: संजय सिंह
Edited By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 29,2025 भरतपुर जिले में भारी बारिश के बाद बड़ा हादसा सामने आया है। मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा ढहने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा रविवार सुबह हुआ, जब स्थानीय लोग क्षेत्र में मौजूद थे और अचानक मिट्टी का हिस्सा धंस गया।

हादसे की पुष्टि प्रशासन ने की
भरतपुर के जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया,
“कुल 6 लोगों को बाहर निकाला गया है। चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया। बाद में दो और शव निकाले गए। दो घायलों का उपचार जारी है।”
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल), एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल), स्थानीय पुलिस, और नागरिक सुरक्षा की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया।
राहत कार्य युद्धस्तर पर
प्रशासन और बचाव दल की सक्रियता से अब तक मलबे से सभी प्रभावितों को बाहर निकाल लिया गया है। घटनास्थल पर जेसीबी, ऐंबुलेंस, मेडिकल टीमें और बचाव उपकरण लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी और के दबे होने की जानकारी नहीं है, लेकिन सर्च ऑपरेशन एहतियात के तौर पर जारी है।
मानसून ने मचाई तबाही
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ने राज्य के कई हिस्सों में दस्तक दे दी है, जिससे लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा ने बताया:
“राज्य में पिछले 24 घंटों में अच्छी बारिश हुई है। सूरतगढ़ में 70 मिमी और राजधानी जयपुर में 113 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मानसून धीरे-धीरे पूरे राजस्थान में फैल रहा है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश की वजह से ज़मीन की सतह कमजोर हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
स्थानीय प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान असुरक्षित क्षेत्रों, खासकर मिट्टी वाले ढलानों और पुराने निर्माण स्थलों से दूर रहें। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की निगरानी
राज्य सरकार ने भी इस हादसे को गंभीरता से लिया है। राहत कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। पीड़ित परिवारों को जल्द ही मुआवजा देने की घोषणा की जा सकती है।