भरतपुर: आरक्षण को लेकर जाट समाज की हुंकार रैली, नेशनल हाईवे पर महापंचायत, प्रशासन अलर्ट
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 29,2025
भरतपुर | संवाददाता संजय सिंह
राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समुदाय ने आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर-आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर डहरा मोड़ के पास महापंचायत का आयोजन किया है। सुबह 10 बजे से ही समाज के लोग जुटने लगे और कुछ ही घंटों में संख्या 500 से पार हो गई। इस महापंचायत को ‘हुंकार रैली’ नाम दिया गया है, जिसमें समाज की चार प्रमुख मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।
प्रमुख मांगें क्या हैं?
हुंकार रैली का नेतृत्व कर रहे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया कि समाज की चार प्रमुख मांगें हैं—
- आरक्षण की पुनः बहाली और विस्तार: जाट समाज को केंद्र और राज्य स्तर पर आरक्षण का लाभ दिया जाए।
- 2015-2017 में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति: हाईकोर्ट द्वारा आदेश के बावजूद नियुक्तियां लंबित हैं, उन्हें तत्काल नियुक्त किया जाए।
- महाराजा सूरजमल कल्याण बोर्ड का गठन: समाज के उत्थान के लिए स्वतंत्र कल्याण बोर्ड बनाया जाए।
- पूर्व आंदोलनों के मुकदमों की वापसी: आरक्षण आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को सरकार तत्काल प्रभाव से वापस ले।
राजनीतिक उपस्थिति और समर्थन
भरतपुर सांसद संजना जाटव पहले ही प्रदर्शन में भाग ले चुकी हैं और केंद्र सरकार से इन मांगों पर विचार करने की अपील की है। नागौर सांसद और आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल के आने की भी संभावना है, जिससे रैली में भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
रैली को देखते हुए भरतपुर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। संभागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी, आईजी राहुल प्रकाश, जिला कलेक्टर कमर चौधरी और एसपी मृदुल कच्छावा पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एहतियातन सभास्थल और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अवांछनीय स्थिति न बन सके।
सामाजिक और राजनीतिक दबाव में सरकार
जाट समाज का यह आंदोलन आने वाले समय में सरकार के लिए चुनौती बन सकता है, खासकर तब जब यह मांग सिर्फ भरतपुर संभाग तक सीमित नहीं रहकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन हासिल कर सकती है।
संभावित असर
यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी आयोजकों ने दी है। इसके चलते नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे आमजन को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

