जयपुर/ नरेश गुनानी/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सैनिक कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों और सेवारत सैनिकों से जुड़े हर मामले को पूरी संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के मान-सम्मान और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में सैनिकों के सम्मान और सेना के शौर्य को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कई बड़े फैसले लिए और अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के मुख्य बिंदु और मुख्यमंत्री के निर्देश:
- शौर्य और वीर गाथाओं के प्रचार की योजना: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारतीय सेना की वीर गाथाओं और शौर्य के प्रतीकों से आम जनता, विशेषकर युवा पीढ़ी को रूबरू कराने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जाए। इससे नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना सुदृढ़ होगी।
- शहीद स्मारकों का ‘एकरूपीय मॉडल’: प्रदेशभर में बने शहीद स्मारकों की गरिमा बनाए रखने और उनकी समुचित देखभाल के लिए मुख्यमंत्री ने एक समान (एकरूपीय) मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी स्मारकों का रखरखाव और प्रबंधन एक तय मानक के अनुसार किया जाएगा।
- सैनिकों के प्रति संवेदनशीलता: मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक राष्ट्र के प्रति समर्पण के साक्षात प्रतीक हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक कल्याण के कार्यों में अग्रणी रहते हैं, और उनका जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। अतः विभाग उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे।
- कल्याणकारी योजनाओं को गति: राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने तथा गति प्रदान करने के निर्देश दिए।
योजनाओं और प्रगति का प्रस्तुतीकरण
बैठक में सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर सुरेन्द्र सिंह और रैक्सको (RAXCO) के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल विजय सिंह ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सैनिक आश्रितों को दी जा रही सुविधाओं और भविष्य के रोडमैप की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
बैठक में उपस्थित उच्चाधिकारी:
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सैनिक कल्याण) भास्कर ए सावंत सहित सैनिक कल्याण विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।