भगवान परशुराम जयंती: अलवर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भव्य शोभायात्रा में उमड़ी भारी भीड़
अलवर | नरेश गुनानी
अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर रविवार को अलवर शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। ब्राह्मण समाज अलवर द्वारा आयोजित भव्य शोभायात्रा ने शहर के मुख्य मार्गों को भगवामय कर दिया। इस गौरवशाली आयोजन में पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
शोभायात्रा का आगाज और महाआरती
शोभायात्रा का शुभारंभ दिल्ली दरवाजा स्थित परशुराम भवन से हुआ। संजय शर्मा ने विधि-विधान से ध्वज लहराकर यात्रा को रवाना किया।
- सारथी की भूमिका: एक अनूठी पहल करते हुए वन मंत्री संजय शर्मा स्वयं भगवान परशुराम के वाहन के सारथी बने और पूरी यात्रा के दौरान साथ रहे।
- महाआरती: जब शोभायात्रा ऐतिहासिक होप सर्कस पहुंची, तो वहां भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। संजय शर्मा ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मंत्री का संबोधन: “अन्याय के विरुद्ध प्रतीक हैं परशुराम”
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वन मंत्री ने कहा:
”भगवान परशुराम अन्याय के प्रबल विरोधी और पीड़ितों के सहायक हैं। उनके जीवन और सिद्धांतों को आत्मसात करके ही समाज में वास्तविक समानता और समरसता का भाव पैदा किया जा सकता है। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।”
पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, छात्रावास में समापन
शोभायात्रा का मार्ग भक्तिमय भजनों और जयकारों से गुंजायमान रहा। शहर के विभिन्न समाजों और व्यापारिक संगठनों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया, जो आपसी भाईचारे की मिसाल बना।
- मार्ग: दिल्ली दरवाजा (परशुराम भवन) से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों से होती हुई।
- समापन: शोभायात्रा का समापन ब्राह्मण छात्रावास में हर्षोल्लास के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्र बंधु, युवा और मातृशक्ति सम्मिलित हुई, जिससे पूरा शहर परशुराम भक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया।