जयपुर/चाकसू। योगेश शर्मा
धार्मिक आस्था, समाज में भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्थित चार धाम की पावन यात्रा पर गया चाकसू का श्रद्धालु दल सकुशल और आनंदपूर्वक अपनी यात्रा पूर्ण कर वापस लौट आया है। भगवान बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं का चाकसू पहुँचने पर परिजनों, स्थानीय निवासियों और गणमान्य नागरिकों द्वारा अभूतपूर्व एवं भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा कस्बा भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
गलता तीर्थ स्नान के बाद बालाजी के दर पर टेका माथा
उत्तराखंड के चारों पवित्र धामों की यात्रा संपन्न करने के बाद चाकसू पहुँचे श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम पवित्र गलता तीर्थ में स्नान किया। इसके बाद सभी श्रद्धालु मनोहरा तालाब पाल वाले बालाजी (हनुमान मंदिर) पहुँचे, जहाँ उन्होंने भगवान के दर्शन कर सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा संपन्न होने पर परमात्मा का आभार व्यक्त किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
10 जोड़ों का हुआ विशेष अभिनंदन, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
जानकारी के अनुसार, कस्बे के प्रसिद्ध श्री चम्पेश्वर महादेव मंदिर से रवाना होकर यात्रा पूर्ण करने वाले 10 दंपत्तियों (जोड़ों) का मंदिर परिसर में विशेष अभिनंदन किया गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को माला पहनाकर, तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर उनका स्वागत किया।
हनुमान मंदिर में आयोजित विधिवत पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने परिवार व समाज की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उन्नति की कामना की। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय द्वारा लगाए गए ‘जय श्री राम’ और ‘बजरंग बली’ के गगनभेदी जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
घर पहुँचने पर परिजनों ने बजाए ढोल-नगाड़े, झूम उठे लोग
चार धाम की इस कठिन और पवित्र यात्रा को पूर्ण कर जब श्रद्धालु अपने-अपने गृह क्षेत्र पहुँचे, तो परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और खुशी का माहौल छा गया। घरों के बाहर ढोल-नगाड़े बजाकर, नाचते-गाते हुए श्रद्धालुओं की अगवानी की गई। पलक-पावड़े बिछाकर बैठे परिजनों ने आरती उतारकर और फूल-मालाओं से लादकर अपनों का स्वागत किया। इस भावुक और उल्लासपूर्ण क्षण के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान की जगह चार धाम यात्रा की सफलता का विशेष तेज, उत्साह और अटूट भक्ति का भाव साफ दिखाई दे रहा था।
सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक भावना है यात्रा का उद्देश्य
इस दौरान यात्रा के समन्वय और व्यवस्थाओं से जुड़े एडवोकेट अमित बाहेती ने बताया:
”सभी श्रद्धालु उत्तराखंड के चारों पवित्र धामों—भगवान बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पूरी श्रद्धा, समर्पण और उत्साह के साथ सकुशल पूर्ण कर लौटे हैं। इस पारंपरिक धार्मिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे, समरसता और धार्मिक चेतना का प्रसार करना है।”
चाकसू की समृद्ध धार्मिक परंपरा
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि चाकसू क्षेत्र से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु चार धाम यात्रा और अन्य धार्मिक स्थलों के लिए रवाना होते हैं। सनातन परंपराओं और अगाध आस्था से जुड़ी यह यात्रा स्थानीय लोगों के जीवन में एक विशेष महत्व रखती है। इस वर्ष भी यात्रा दल के सकुशल आगमन पर मनोहरा तालाब पाल वाले हनुमान मंदिर और चम्पेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के जयकारों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय और सकारात्मक बना दिया।
इस अवसर पर रहे मौजूद:
श्रद्धालुओं के स्वागत और इस भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान आलोक लाभी, अमित बाहेती एडवोकेट, विनोद बूसर, सुरेश सोढ़ानी, मुकेश गुप्ता, डॉ. जी. सी. परवाल, मनीष गगरानी, दिवाकर शाह, रवि गुप्ता, विकास परवाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु, मातृशक्ति और क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं से आशीर्वाद लिया और उनके इस पावन संकल्प की सराहना की।