योगेश शर्मा
जयपुर | 11 अप्रैल, 2026
राजधानी के विद्याधर नगर (सेक्टर-8) स्थित सुप्रसिद्ध प्राचीन श्री पापड़ वाले हनुमान जी मंदिर में आगामी मई माह में भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। मंदिर परिसर में 17 मई से 25 मई तक आयोजित होने वाले भव्य नव दिवसीय 108 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां शनिवार को विधिवत रूप से शुरू हो गईं। इस पावन अनुष्ठान के शुभारंभ स्वरूप मंदिर प्रांगण में पूर्ण विधि-विधान के साथ भूमि पूजन एवं ध्वज स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज स्थापना
महायज्ञ का आगाज़ मंदिर के महंत महामंडलेश्वर राम सेवक दास महाराज के पावन सानिध्य में हुआ। यज्ञाचार्य पंडित सतीश शास्त्री ने सात्विक और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया। गगनभेदी जयकारों और मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ स्थल पर धर्म ध्वजा स्थापित की गई। इस दौरान संपूर्ण परिसर हनुमान जी और श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
संतों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
इस मांगलिक अवसर पर आध्यात्मिक जगत की बड़ी विभूतियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में:
- आसपास के प्रमुख मंदिरों के महंत एवं साधु-संत।
- क्षेत्रीय समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक।
- मंदिर विकास समिति एवं श्रीराम महायज्ञ व्यवस्था समिति के अध्यक्ष व पदाधिकारी।
- बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु।
9 दिनों तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठानों का दौर
आयोजन समिति ने बताया कि 17 मई से शुरू होने वाले इस महायज्ञ में 108 यज्ञ कुंड बनाए जा रहे हैं, जहाँ मुख्य यजमानों द्वारा विश्व शांति और लोक कल्याण की कामना के साथ आहुतियां दी जाएंगी।
- प्रतिदिन के कार्यक्रम: यज्ञ के साथ-साथ प्रतिदिन वेदी पूजन, हवन, विशिष्ट धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान संतों द्वारा प्रवचनों की गंगा बहेगी।
- तैयारियां: महायज्ञ की विशालता को देखते हुए भोजन व्यवस्था, आवास और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए भव्य पाण्डाल की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं।
क्षेत्र में उत्साह का माहौल
विद्याधर नगर सहित पूरे जयपुर शहर में इस 108 कुंडीय महायज्ञ को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर महायज्ञ के आयोजन से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होगा।