सुनील शर्मा
जयपुर/ब्यावर। राजस्थान में मिलावटखोरों के विरुद्ध राज्य सरकार का ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान पूरी आक्रामक मुद्रा में है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ब्यावर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहाँ एक मसाला फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी मसाले और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला ‘चापड़’ बरामद किया गया है।
आधी रात तक चला सर्च ऑपरेशन
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के अनुसार, यह कार्रवाई अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के सुपरविजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय गहलोत की टीम द्वारा की गई। ब्यावर के सराधना इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित ‘मैसर्स महावीर गृह उद्योग’ पर टीम ने दबिश दी। यह कार्रवाई बुधवार आधी रात तक जारी रही, जिसमें फैक्ट्री के भीतर चल रहे मिलावट के काले खेल का पर्दाफाश हुआ।
चापड़ मिलाकर तैयार हो रहा था जहर
निरीक्षण के दौरान टीम उस समय हैरान रह गई जब फैक्ट्री परिसर में चापड़ (चोकर/भूसा) के कट्टों से भरी एक गाड़ी खड़ी मिली। जांच में सामने आया कि इस चापड़ को घातक रंगों के साथ मिलाकर लाल मिर्च पाउडर तैयार किया जा रहा था, जिसे बाजार में सप्लाई करने की पूरी तैयारी थी।
जब्ती का विवरण:
- मिर्च पाउडर: 5480 किलो (रंग और चापड़ मिश्रित)
- चापड़: 1400 किलो (मिलावट के लिए भंडारित)
दूसरी फर्म पर भी गिरी गाज
इसी संचालक की दूसरी फर्म ‘मैसर्स गुलाब चंद-उत्तम चंद’ के परिसर में भी टीम ने सघन जांच की। यहाँ मिर्च, धनिया और हल्दी की पिसाई का कार्य चल रहा था। टीम ने मौके पर उपलब्ध मसालों की ढेरियों से नमूने लिए और भारी मात्रा में स्टॉक को सीज कर दिया:
- हल्दी पाउडर: 1550 किलो
- धनिया पाउडर: 700 किलो
- मिर्च पाउडर: 1900 किलो
होगी कड़ी विधिक कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से हल्दी, धनिया, पिसी मिर्च और साबुत मिर्च के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। डॉ. टी. शुभमंगला ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित फर्म मालिकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
