बूंदी में पशुपालन एवं गोपालन मंत्री ने ली समीक्षा बैठक
सुनील शर्मा
बूंदी, 01 अक्टूबर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को बूंदी जिला कलेक्ट्रेट सभागार में गौशाला संचालकों, पशुपालकों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गौशालाओं का आकलन और दिशा-निर्देश
बैठक में बूंदी जिले में संचालित 6 अपात्र गौशालाओं की तहसीलवार समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि गौशाला संचालक निर्धारित मापदंडों के अनुसार गोवंश की संख्या बढ़ाएं और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को सुचारू करें, ताकि उन्हें राज्य सरकार द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जा सके।
सड़कों पर निराश्रित गोवंशों को भी गौशालाओं में भर्ती कर उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पात्र गौशालाओं के संचालकों से संचालन संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण हटाने और मृत गोवंश के उठाव की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश शामिल था। मंत्री ने घायल पशुओं के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने और गौशालाओं में पेयजल, छाया, चारा भंडारण और चारदीवारी की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी
बैठक में पशुपालकों को मोबाइल वेटरनरी 1062 हेल्पलाइन, गौशाला विकास योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुओं की हानि पर मिलने वाली मुआवजा राशि, और लम्पी रोग की रोकथाम के प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई।
मंत्री ने कहा कि गाय की सेवा ही मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। गाय न केवल मानव जीवन को बेहतर बनाती है, बल्कि उससे प्राप्त होने वाला खाद, गो मूत्र, गोबर सहित अन्य उत्पाद मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने चारागाह भूमि पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधारोपण करने का निर्देश भी दिया।
विभिन्न कार्यक्रमों और प्रगति की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत जिले में हुए कुल पंजीयन, अर्जित लक्ष्य और प्राप्त लक्ष्य, ग्रामीण सेवा शिविर, पशुओं में विभिन्न रोगों की जांच, बजट वर्ष 2024-25 के तहत घोषित पशु चिकित्सा उपकेंद्र की वर्तमान स्थिति, एमएफडी टीकाकरण के तहत गाय और भैंस को किए गए टीकाकरण, सेक्स सॉर्टेड सीमन, पशुधन विकास कार्यक्रम की प्रगति, पशुओं में होने वाले विभिन्न बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण कार्यक्रम और भेड़ निष्क्रमण कार्यक्रम की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा सहित अन्य विभागीय अधिकारी और गौशाला संचालक उपस्थित रहे।