बीकानेर पुलिस की फिल्मी स्टाइल कार्रवाई: अवैध हथियारों का जखीरा जब्त, 25-25 हजार के इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार
बीकानेर, 08 सितम्बर। गौरव कोचर। टेलीग्राफ टाइम्स
बीकानेर पुलिस ने अपराध जगत को तगड़ा झटका देते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में घेराबंदी कर दो कुख्यात गैंगस्टरों को दबोच लिया, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियारों का जखीरा भी बरामद किया गया है।
कार्रवाई का नेतृत्व और रणनीति
यह पूरी कार्रवाई आईजी बीकानेर रेंज हेमंत शर्मा और एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी की सुपरविजन और सीओ सदर विशाल जांगिड़ (प्रोबेशनर आईपीएस) एवं सीओ नगर श्रवण दास संत के नेतृत्व में गठित टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सोढा गैंग का मुखिया श्रवण सिंह सोढा अपने साथी के साथ बीकानेर शहर में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत साइबर सेल और मुक्ताप्रसाद पुलिस को अलर्ट कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जैसे ही दोनों अपराधी मुक्ताप्रसाद नगर के रिको इलाके में पहुंचे, पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर ली। संदिग्धों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने फिल्मी अंदाज़ में उनका पीछा कर उन्हें दबोच लिया।
बरामद हथियार
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 4 अवैध पिस्टल
- 1 देशी कट्टा
- 1 अतिरिक्त मैगजीन
- 13 जिंदा कारतूस
जब्त किए, जिन्हें किसी बड़ी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल किया जाना था।
कौन हैं ये कुख्यात अपराधी?
- श्रवण सिंह सोढा (28), निवासी बज्जू
- इस पर गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों में 29 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- एक साल पहले बीकानेर पुलिस ने इसे 11 अवैध पिस्टल और 40 कारतूस के साथ पकड़ा था।
- दो महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था।
- गुजरात में एक व्यापारी के अपहरण के मामले में भी वांछित है।
- राजेश तर्ड उर्फ रामेश्वर लाल विश्नोई (31), निवासी खाजूवाला, बीकानेर
- इसके खिलाफ गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- यह भी लंबे समय से गैंग गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
गैंग की आपराधिक साजिश
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों अपराधियों ने खुलासा किया कि वे गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के साथ मिलकर किसी पर फायरिंग करने और फिरौती वसूलने की योजना बना रहे थे। बरामद हथियार भी उन्हें हैरी बॉक्सर द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।
पुलिस को संदेह है कि बीकानेर शहर में और भी अवैध हथियार छिपाए गए हैं। इस दिशा में गहन पूछताछ और तलाशी अभियान जारी है।
पुलिस की बहादुरी
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल के एएसआई दीपक यादव और कांस्टेबल श्रीराम की अहम भूमिका रही। वहीं मुक्ताप्रसाद नगर थाना अधिकारी विजेंद्र शीला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरी बहादुरी और फुर्ती दिखाते हुए गैंगस्टरों को धर दबोचा।
कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की नवीन धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गैंग के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।