जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बीकानेर स्थित सरकारी कैंसर अस्पताल के लिए राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) के माध्यम से भेजे गए कैंसर इंजेक्शनों की दिल्ली में कथित अवैध बिक्री के मामले को गंभीरता से लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
कालाबाजारी और अनाधिकृत बिक्री पर शून्य सहनशीलता
स्वास्थ्य मंत्री खींवसर ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के निशुल्क और सुलभ उपचार के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली महंगी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी या अनाधिकृत बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और इस प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत पर सख्त से सख्त रुख अपनाया जाएगा।
दवा की पूरी सप्लाई चेन की होगी सघन जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने आरएमएससीएल और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मामले से जुड़े पूरे रिकॉर्ड की तत्काल समीक्षा करें। इसके तहत निम्नलिखित बिंदुओं की विस्तृत जांच की जाएगी:
- दवा की संपूर्ण सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स रिकॉर्ड
- स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक उपलब्धता का मिलान
- अस्पताल द्वारा जारी किए गए इंडेंट (मांग पत्र) और वेयरहाउस से डिस्पैच का विवरण
- अस्पताल स्तर पर मरीजों को किए गए वास्तविक वितरण और पर्चियों का रिकॉर्ड
लापरवाही और मिलीभगत पर होगी कठोर कार्रवाई
खींवसर ने चेतावनी दी कि यदि जांच के दौरान सरकारी दवा की आपूर्ति और वितरण के किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या अवैध नेटवर्क से मिलीभगत उजागर होती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कठोर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश
कैंसर जैसी गंभीर और संवेदनशील बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली महंगी दवाओं की नियमित निगरानी पर जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी दवाओं की सप्लाई चेन और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।