बिलासपुर में स्वाधीनता दिवस की संध्या पर “एक शाम शहीदों के नाम” आयोजन

बिलासपुर में स्वाधीनता दिवस की संध्या पर “एक शाम शहीदों के नाम” आयोजन

सुरमयी संध्या में गूंजे देशभक्ति गीत, श्रोताओं ने किया भावपूर्ण स्वागत

रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स/ छत्तीसगढ़ 
By : गणपत चौहान 
टेलीग्राफ टाइम्स

बिलासपुर।
स्वाधीनता दिवस की 79वीं वर्षगांठ पर शहर में जहां सरकारी व गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उत्साह देखने को मिला, वहीं एक अनूठा आयोजन भी सभी का ध्यान खींच ले गया। सोशल फोरम ऑन ह्यूमन राइट्स के बैनर तले एवं गुरु तेग बहादुर शिक्षण समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह भोगल के सौजन्य से “एक शाम शहीदों के नाम” शीर्षक से सुरमयी संध्या का आयोजन किया गया।

कराओके संगीत में गूंजे देशभक्ति गीत

व्हाइट हाउस म्यूजिकल ग्रुप द्वारा प्रस्तुत इस संध्या की शुरुआत राष्ट्रीय गीतों से हुई। तीन घंटे तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने कराओके संगीत की धुन पर एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति की उमंग से भर दिया।

  • शत्रुघ्न जसनामी ने “ज़िन्दगी मौत ना बन जाए” से शुरुआत की।
  • प्रसुन्न चतुर्वेदी ने “ये देश है वीर जवानों का” गाकर तालियां बटोरीं।
  • रिंकु मिश्रा ने “है प्रीत जहां की रीत सदा” प्रस्तुत किया।
  • चन्द्रप्रकाश बाजपेयी ने “हम अमर तिरंगा वाले हैं” और अमित चतुर्वेदी ने “जहां दिल में सच्चाई रहती है” गाया।
  • कमल जब्बल ने “होंठों पे सच्चाई रहती है”, लक्ष्मीनारायण कश्यप ने “संदेशे आते हैं”, और प्रवीण नायडू ने “मेरे देश की धरती” गाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
  • इसके अलावा धर्मेश शर्मा, सुभाष तिवारी, मनोज यादव, राजेश जिल्लारे सहित कई गायकों ने देशभक्ति गीतों से समां बांधे रखा।

मंच पर अतिथियों का स्वागत और फोरम की भूमिका

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फोरम के संरक्षक चन्द्रप्रकाश बाजपेयी, नेहरू नगर पार्षद कार्तिक यादव और अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण कश्यप का आत्मीय स्वागत किया गया। फोरम के अध्यक्ष गनपत चौहान ने फोरम की स्थापना और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2018 में बिलासपुर में आयोजित बैठक में इस संस्था का जन्म हुआ, जो आज देशभर में पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है।

भोगल ने की अपील

आयोजन के सूत्रधार अजीत सिंह भोगल ने उपस्थित जनसमूह से फोरम से जुड़ने और पीड़ितों के अधिकारों की लड़ाई में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने फोरम को एक बेदाग और बेहतरीन सामाजिक संस्था बताते हुए कहा कि यह संगठन बिलासपुर से दिल्ली तक पीड़ितों की आवाज को बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्रोताओं की बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम का संचालन गनपत चौहान और आभार प्रदर्शन अमित चतुर्वेदी ने किया। आयोजन में बब्लू राजपूत, लक्ष्मण श्रीवास, सुभाष जेना, वीरेन्द्र वर्मा, सुखजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, अमर देव भगत, त्रिलोचन सिंह, मनीष गुप्ता, नीरज सिंह ठाकुर, अमित राठी, रूपेश वाधवानी, प्रमोद, सुरेश यादव, सुनील चिंचोलकर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

सराहना की जा रही पहल

इस अनोखी सुरमयी संध्या ने शहरवासियों को शहीदों की बलिदान गाथा की याद दिलाई। देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों ने लोगों को भावविभोर कर दिया। शहरभर में इस पहल की प्रशंसा हो रही है और इसे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि बताया जा रहा है।

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