बिलासपुर: महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रामगोपाल तिवारी की 129वीं जयंती पर दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

गणपत चौहान 

बिलासपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन, बिलासपुर द्वारा ‘सेनानी स्मरण कार्यक्रम’ के तहत रविवार को नगर के महान जननायक स्व. रामगोपाल तिवारी की 129वीं जयंती और स्व. शिव प्रसाद साहू की पुण्यतिथि पर गौरवपूर्ण आयोजन किया गया। स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड और सेनानी परिवारों की उपस्थिति में वक्ताओं ने सेनानियों के बलिदान और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया।

बापू के एक आह्वान पर महिलाओं ने दान कर दिए थे गहने

​मुख्य वक्ता और योगाचार्य अनिल तिवारी ने स्व. रामगोपाल तिवारी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए एक ऐतिहासिक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि रामगोपाल जी के विशेष आमंत्रण पर ही महात्मा गांधी का बिलासपुर आगमन हुआ था। गांधी जी के नगर आगमन के दौरान जब महिलाओं की सभा में सहयोग राशि कम पड़ने लगी, तब तिवारी परिवार की दादी और बहुओं सहित नगर की अन्य महिलाओं ने अपने कीमती जेवर उतारकर बापू की झोली में डाल दिए थे। उस समय के अखबारों ने इसे देश में महिलाओं द्वारा दिया गया ‘सर्वाधिक दान’ बताया था।

​रामगोपाल तिवारी ने 15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 को पुलिस परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराने का गौरव प्राप्त किया था। वे 1936 से 1957 तक मध्य प्रांत के मंत्री और संसदीय सचिव के रूप में भी सक्रिय रहे।

आंदोलन में झेली पांच साल की जेल: चंद्रप्रकाश बाजपेयी

​संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने कहा कि स्व. रामगोपाल तिवारी और स्व. शिव प्रसाद साहू जैसे योद्धाओं ने 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में ब्रिटिश सरकार की चूलें हिला दी थीं। तिवारी जी को इस दौरान दो बार में कुल पांच वर्ष की कठोर जेल यात्रा और यातनाएं सहनी पड़ीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को इन राष्ट्रभक्तों की गाथाओं से परिचित कराना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

आर्थिक अभाव के बाद भी राष्ट्रभक्ति सर्वोपरि: सोनम साहू

​स्व. शिव प्रसाद साहू की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए उनकी पुत्रवधू श्रीमती सोनम मनीष साहू ने बताया कि उनके बाबा ससुर की आर्थिक स्थिति भले ही कमजोर थी, लेकिन राष्ट्रभक्ति के मामले में वे सबसे धनी थे। जब भी देश के युवाओं की पुकार हुई, वे अग्रणी भूमिका निभाते हुए आंदोलन में कूद पड़े।

इतिहास संरक्षण की अपील

​संस्था की अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे और संरक्षक बाबा राव ने कहा कि हमें नगर के प्रत्येक सेनानी परिवार का परिचय और उनका इतिहास संग्रहित करने की आवश्यकता है। ध्रुव कुमार भांगे और प्रदीप राही ने भी अपने संबोधन में सेनानियों के व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की रूपरेखा

​कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे राष्ट्रीय ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके पश्चात सेनानियों के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया।

उपस्थिति:

इस गरिमामयी अवसर पर डॉ. आशुतोष तिवारी, इंदर टहलियानी, उषा किरण बाजपेयी, डॉ. शिव नाथ श्रीवास, रमेश श्रीवास, अशोक रंजन वर्मा, किरण शुक्ला, ज्योति मिश्रा, श्वेता पांडेय, राकेश कुमार जैन, योगेश तिवारी, संतोष पिपलिया, आलोक तिवारी, कृष्ण यादव, राम नारायण पटेल, हरिहर नामदेव, संजय कुमार तिवारी और के.के. वर्मा सहित बड़ी संख्या में सेनानी परिवारों के सदस्य उपस्थित थे।

​कार्यक्रम का सफल संचालन चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने किया और आभार प्रदर्शन डॉ. आशुतोष तिवारी द्वारा किया गया। संगठन की अगली बैठक आगामी 5 मई 2026 (मई माह के प्रथम रविवार) को प्रातः 10 बजे आयोजित की जाएगी।

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