जोधपुर, 19 जुलाई 2026 / नरेश गुनानी/ जोधपुर जिले के भोपालगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिराई में रविवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जोधपुर जिला प्रभारी मंत्री तथा शिक्षा (विद्यालयी/संस्कृत) एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने यहाँ नवनिर्मित ‘भारतीय सनातन संस्कृति पुनरुत्थान भवन’ का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विद्यार्थियों को एक बड़ी सौगात देते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र से स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय (Science Stream) प्रारंभ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की।
समारोह में सतगुरु स्वामी सुंदरदासजी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। इसके साथ ही पाली सांसद पी.पी. चौधरी, जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली और ओसियां विधायक भैराराम सियोल सहित कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ट्रस्ट के सेवा कार्य अनुकरणीय और सराहनीय
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि बिराई की धरती पर आकर वे अत्यंत अभिभूत हैं। उन्होंने अनंत सुखरामजी ट्रस्ट के सेवा कार्यों की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में जब भी कोई संकट या परेशानी आती है, यह ट्रस्ट हमेशा आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता करता है। समाज के प्रति ट्रस्ट की यह सेवा भावना और जनकल्याणकारी गतिविधियां पूरे समाज के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से समाज में सेवा, सद्भाव, संस्कार और मानवीय मूल्यों को लगातार मजबूती मिल रही है।
गौरवशाली इतिहास और सनातन मूल्यों की प्रेरणा देगा यह भवन
मदन दिलावर ने भवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनंत सुखरामजी ट्रस्ट द्वारा निर्मित यह भव्य ‘भारतीय सनातन संस्कृति पुनरुत्थान भवन’ वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति, महान परंपराओं और सनातन जीवन मूल्यों से परिचित कराने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
”भारत का इतिहास त्याग, तपस्या, शौर्य और बलिदान की गाथाओं से भरा पड़ा है। महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों ने मेवाड़ की आन-बान और शान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महापुरुषों के जीवन संघर्ष से हमें राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा की प्रेरणा मिलती है। देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में अर्धघुमंतू जातियों का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सबका साझा दायित्व है।”
— मदन दिलावर, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री
जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सरकार सख्त
समारोह के दौरान सामाजिक सुरक्षा और समरसता का जिक्र करते हुए प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्थान सरकार जबरन धर्मांतरण की रोकथाम के लिए कड़ा कानून लेकर आई है। प्रत्येक नागरिक को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार है। उन्होंने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरे समाज को एकजुट और जागरूक रहने का आह्वान किया।
पर्यावरण, जल और गौ-संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
बढ़ते वैश्विक तापमान और पर्यावरण असंतुलन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मदन दिलावर ने तीन मुख्य बिंदुओं पर समाज की भागीदारी मांगी:
- सघन पौधरोपण और देखभाल: पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से मानव जीवन और जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। पर्यावरण संतुलन के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करना जरूरी है, ताकि ऑक्सीजन का स्तर बढ़े और समय पर वर्षा हो सके।
- जल संरक्षण की दैनिक आदत: राजस्थान के लोग पानी की कीमत को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। इसलिए वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
- गौ-संरक्षण हमारा नैतिक दायित्व: गौ माता का संरक्षण और संवर्धन केवल सरकार का काम नहीं है। समाज को इसमें सक्रिय सहभागिता निभाते हुए जिम्मेदारी का भाव दिखाना होगा।
संस्कारयुक्त शिक्षा और स्थानीय स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना है। सरकार स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार कर रही है, जिसमें गुणवत्ता के साथ-साथ नैतिक संस्कारों को भी जोड़ा जा रहा है।
बिराई के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र के ग्रामीण छात्र-छात्राओं को विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए अब घर से दूर बड़े शहरों या अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।