नरेश गुनानी
जयपुर/बालोतरा | 21 अप्रैल 2026
बाड़मेर-बालोतरा स्थित बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिया गया है। मंगलवार को बालोतरा में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी परिसर में अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते फिलहाल उद्घाटन को आगे बढ़ा दिया गया है।
त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
मंत्री पटेल के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1:55 बजे रिफाइनरी के एक हिस्से में लीकेज की समस्या सामने आई थी। सूचना मिलते ही एचपीसीएल (HPCL) की तकनीकी टीम और सुरक्षा अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों की मुस्तैदी का ही परिणाम था कि महज एक घंटे के भीतर, यानी दोपहर 2:45 बजे तक, रिफाइनरी की टीम ने लीकेज पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को स्वयं रिफाइनरी पहुंचे। उन्होंने प्रभावित हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
- साहस की सराहना: मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम का दौरा कर वहां तैनात अग्निशमन अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद किया।
- महिला अधिकारियों का सम्मान: आपात स्थिति में मुस्तैदी दिखाने वाली महिला अधिकारियों के साहस और समर्पण की मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सराहना की।
विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच
जोगाराम पटेल ने स्पष्ट किया कि रिफाइनरी एक विशाल क्षेत्र में फैली हुई है और यह लीकेज एक सीमित हिस्से तक ही सीमित रहा। लीकेज के वास्तविक कारणों का पता लगाने और तकनीकी खामी के स्थायी समाधान के लिए देश की अन्य बड़ी रिफाइनरियों से विशेषज्ञ टीमों को बुलाया जा रहा है।
”मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जैसे ही तकनीकी सुधार पूरे होंगे, रिफाइनरी अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार कमर्शियल उत्पादन (Commercial Production) शुरू कर देगी।” — जोगाराम पटेल, संसदीय कार्य मंत्री
विकास का नया अध्याय
प्रशासन और तकनीकी टीमें वर्तमान में रिफाइनरी पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह रिफाइनरी न केवल पश्चिमी राजस्थान बल्कि पूरे प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी सृजित होंगे।