प्रीति बालानी
पाली (रोहट), 29 अप्रैल 2026
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को पाली जिले के रोहट गांव में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान बालिका शिक्षा की अनिवार्यता पर जोर दिया। अवसर था श्री राजेश्वर भगवान आंजणी माता गुरुकुल कन्या महाविद्यालय के नवनिर्मित छात्रावास भवन का लोकार्पण, जहाँ उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
शिक्षा से सशक्त होता समाज
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जब एक बालिका शिक्षित होती है, तो उससे दो परिवार शिक्षित होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश और प्रदेश की प्रगति तभी सुसंगत और मजबूत हो सकती है जब बालिकाओं को बेहतर शिक्षा के अवसर प्राप्त हों।
उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:
- समान अवसर: बालक हो या बालिका, दोनों को श्रेष्ठ शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि वे जीवन में आगे बढ़कर राष्ट्र का नाम रोशन कर सकें।
- सफलता के शिखर: वर्तमान में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं।
- मानसिकता में बदलाव: समाज को इस सोच से बाहर निकलना होगा कि बेटियाँ बोझ हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाएं इसी जागरूकता के लिए समर्पित हैं।
संस्कृति और संस्कारों का संगम
राज्यपाल ने प्राचीन गुरुकुल पद्धति को याद करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति, देव और सनातन धर्म में शिक्षा का आधार संस्कार रहे हैं। उन्होंने साध्वी भगवती बाई के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान से संस्कारित, नैतिक और ईमानदार नागरिक तैयार होने चाहिए।
”भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का रूप माना गया है। वे दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी का साक्षात स्वरूप हैं।”
राजस्थान की वीरता का स्मरण
अपने उद्बोधन के दौरान उन्होंने राजस्थान की वीर धरा और यहाँ की गौरवशाली संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बप्पा रावल जैसे महान योद्धाओं की बहादुरी का उदाहरण देते हुए युवाओं को अपनी जड़ों और धर्म से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का सारांश:
- स्थान: रोहट, पाली।
- मुख्य अतिथि: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे।
- विशेष आयोजन: गुरुकुल कन्या महाविद्यालय के छात्रावास का लोकार्पण।
- संदेश: संस्कारित शिक्षा और महिला सशक्तिकरण।