बाड़मेर पुलिस की बड़ी सफलता : 1 करोड़ की लूट का 72 घंटों में खुलासा, चार नकाबपोश आरोपी गिरफ्तार

बाड़मेर पुलिस की बड़ी सफलता : 1 करोड़ की लूट का 72 घंटों में खुलासा, चार नकाबपोश आरोपी गिरफ्तार

18 सितंबर 2025। गौरव कोचर। टेलीग्राफ टाइम्स 

जयपुर, 8 सितंबर। बाड़मेर जिले की पुलिस ने जिले की अब तक की सबसे बड़ी लूट का पर्दाफाश कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गडरारोड कस्बे में एक मेडिकल व्यवसायी के घर हुई करीब ₹1 करोड़ की लूट का खुलासा पुलिस ने महज 72 घंटों में कर दिया। पुलिस ने चारों नकाबपोश आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार कर लिया है और उनसे लूटा गया सोना, चांदी व नकदी बरामद करने की कार्रवाई की जा रही है।

फिल्मी अंदाज में की गई थी वारदात

4 सितंबर की रात करीब 1:30 बजे चार नकाबपोश बदमाश मेडिकल व्यवसायी उत्तमचंद माहेश्वरी के घर में छत के रास्ते घुस गए। बदमाशों ने घर के भीतर घुसते ही रिवॉल्वर की नोंक पर उत्तमचंद, उनकी पत्नी, बेटी और नातिन को बंधक बना लिया। परिवार से मारपीट कर उन्हें डराया-धमकाया गया और करीब 40-45 तोला सोना, 50-60 किलो चांदी और ₹1.25 लाख नकद लूट लिए गए।

घटना के बाद उत्तमचंद ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना स्वयं मौके पर पहुंचे और मामले को चुनौती के रूप में लिया।

तीन टीमें, तीन दिन और सौ से ज्यादा CCTV की जांच

एसपी मीना के निर्देश पर विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं।

  • सीसीटीवी सर्विलांस टीम ने घटनास्थल और आसपास के 100 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली।
  • तकनीकी टीम ने डाटा एनालिसिस कर संदिग्धों की पहचान की।
  • डॉग स्क्वॉड व एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।

जांच में सामने आया कि यह वारदात किसी “घर के भेदी” की मदद से ही संभव हो सकती है।

‘घर का भेदी’ निकला पूर्व कर्मचारी

पुलिस को शक हुआ कि घटना में पीड़ित की दुकान पर पहले काम कर चुका एक कर्मचारी शामिल है। गहन पूछताछ और निगरानी के बाद पुलिस ने पाया कि वह युवक अपने सेल्समैन दोस्तों के साथ मिलकर लूट की योजना बना चुका था।

सभी आरोपी मेडिकल दुकानों पर सेल्समैन का काम करते थे और कम वेतन पाकर जल्दी अमीर बनने की चाह रखते थे। मुख्य आरोपी को घर की पूरी जानकारी थी। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई और पीड़ित परिवार के बेटे के बाहर जाने का इंतजार किया। मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया गया।

लूट के बाद आरोपी सीसीटीवी से बचने के लिए रेलवे ट्रैक के रास्ते भागे और सुबह होते ही अपनी दुकानों पर लौटकर काम करने लगे, ताकि किसी को शक न हो।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस बड़ी कामयाबी में कई पुलिसकर्मियों ने विशेष योगदान दिया।

  • हेड कांस्टेबल प्रेमाराम और कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
  • डीएसटी टीम से एएसआई महिपाल सिंह, हेड कांस्टेबल प्रेमाराम, कांस्टेबल मालाराम, नखत सिंह, देवाराम, किशोर, हरलाल सिंह, रामस्वरूप, संदीप कमांडो शामिल रहे।
  • आसूचना व डीसीआरबी टीम से हेड कांस्टेबल वीरम खान, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, शिवरतन, लुम्भा राम, सद्दाम, रतन लाल, भवानी सिंह, जोगेंद्र, खीम सिंह और गंगा राम शामिल थे।
  • थाना गडरारोड टीम में एसएचओ छैल सिंह, एएसआई जगदीश, हेड कांस्टेबल हनवन्ता राम, कांस्टेबल पवन कुमार, विमलेश कुमार, रमेश कुमार, हुकमाराम और गजेंद्र सिंह ने मेहनत की।

एसपी बोले- “पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बढ़ा भरोसा”

एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए रिकॉर्ड समय में सुलझाया। उन्होंने कहा कि यह सफलता पुलिस की सतर्कता और टीमवर्क का परिणाम है। आरोपियों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

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