बाड़मेर पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई: तीन तस्करों की ₹2.5 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
जयपुर, 29, अगस्त। गौरव कोचर।टेलीग्राफ टाइम्स
राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए बाड़मेर जिले में तीन कुख्यात तस्करों की लगभग ₹2.50 करोड़ की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ (2) के तहत की गई, जिसमें आलीशान आवासीय भवन, दो प्लॉट और चार लग्जरी वाहन जब्त किए गए। यह कदम अपराधियों की काली कमाई पर सीधा प्रहार है और तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीना के नेतृत्व में यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस के निर्देशों के बाद की गई।
तीन बड़े तस्करों की संपत्ति जब्त
- गोरधनराम जाट (₹60 लाख की संपत्ति फ्रीज)
नागाणा थाने का हार्डकोर अपराधी गोरधनराम पुत्र डुगराराम लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था। उसने अपने गांव मातासर भुरटिया में आलीशान भवन बनाया था। दस्तावेजों की जांच और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद उसकी लगभग 60 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई। उसके खिलाफ कुल 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं। - श्याम सुंदर सांवरिया (₹90 लाख की संपत्ति फ्रीज)
सेड़वा थाना क्षेत्र का सक्रिय तस्कर श्याम सुंदर पुत्र लाधुराम पर 13 प्रकरण दर्ज हैं। उसकी करीब 90 लाख की संपत्ति जब्त की गई है। उसने अपने गांव सोमारड़ी में एक भव्य आवासीय भवन और चार वाहन (स्कॉर्पियो, टवेरा, ट्रैक्टर और बोलेरो कैंपर) खरीदे थे। - जसवंत उर्फ जसराज उर्फ जसू (₹1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज)
रीको थाना क्षेत्र का कुख्यात तस्कर जसवंत पुत्र रतनाराम, वर्तमान में बलदेव नगर निवासी था। उसने अपनी पत्नी के नाम पर एक आलीशान घर और दो प्लॉट खरीदे थे। जसवंत पर 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद उसकी लगभग 1 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
अपराधियों को कड़ा संदेश
यह कार्रवाई तस्करों और उनके नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित कोई भी संपत्ति सुरक्षित नहीं है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीना ने कहा कि बाड़मेर पुलिस ऐसे अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों का अवैध धंधा करने वालों की न केवल गिरफ्तारी होगी, बल्कि उनकी आर्थिक जड़ें भी काटी जाएंगी।