बांध सुरक्षा पर बड़ा कदम: 19 राज्यों में 736 बांध होंगे पुनर्वास और सुधार के तहत

बांध सुरक्षा पर बड़ा कदम: 19 राज्यों में 736 बांध होंगे पुनर्वास और सुधार के तहत

11 अगस्त 2025 | गणेश शर्मा | टेलीग्राफ टाइम्स 

नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद, बाह्य वित्त पोषित बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना (DRIP) के दूसरे और तीसरे चरण के तहत देशभर में 19 राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के कुल 736 बांध चिन्हित किए गए हैं, जिनका पुनर्वास और सुरक्षा उन्नयन किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना की कुल लागत 10,211 करोड़ रुपये है, जिसे 2021 से 2031 तक 10 वर्षों में खर्च किया जाएगा।

  • सामान्य श्रेणी राज्यों के लिए वित्त पोषण अनुपात 70:30
  • विशेष श्रेणी राज्यों के लिए 80:20
  • केंद्रीय एजेंसियों के लिए 50:50
    यह “बाह्य” वित्तपोषण विश्व बैंक और एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) के ऋण से होगा।

अब तक की प्रगति

  • DRIP द्वितीय चरण की शुरुआत: 12 अक्टूबर 2021
  • सह-वित्तपोषक: विश्व बैंक और AIIB
  • 30 जून 2025 तक 1,796.96 करोड़ रुपये का व्यय
  • कर्नाटक ने अपने आवंटित 308 करोड़ रुपये में से 252.14 करोड़ रुपये खर्च किए
  • अब तक 25 बांधों पर प्रमुख पुनर्वास कार्य पूरे
  • 226 बांधों के लिए आपातकालीन कार्य योजनाएं (EAP) तैयार
  • 103 हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित, लगभग 10,000 प्रतिभागी शामिल

योजना की मुख्य बातें

  • प्रत्येक बांध के लिए बांध-विशिष्ट आपातकालीन कार्य योजना
  • हितधारकों को नियमित जानकारी और प्रशिक्षण
  • पूर्व चेतावनी प्रणाली (EWS) की स्थापना
  • तकनीकी सहायता के जरिए क्षति विश्लेषण और अनुकूलित आपातकालीन योजनाएं
  • लक्ष्य: आपदा-रोधी बांध संरचना और सामुदायिक तैयारी

राज्यवार बांध और अनुमानित लागत (करोड़ रुपये में)

क्र. राज्य/एजेंसी बांधों की संख्या लागत
1 आंध्र प्रदेश 31 667
2 छत्तीसगढ़ 5 133
3 गोवा 2 58
4 गुजरात 6 400
5 झारखंड 35 238
6 कर्नाटक 41 612
7 केरल 28 316
8 मध्य प्रदेश 27 186
9 महाराष्ट्र 167 940
10 मणिपुर 2 311
11 मेघालय 6 441
12 ओड़िशा 36 804
13 पंजाब 12 442
14 राजस्थान 189 965
15 तमिलनाडु 59 1,064
16 तेलंगाना 29 545
17 उत्तर प्रदेश 39 787
18 उत्तराखंड 6 274
19 प. बंगाल 9 84
20 बीबीएमबी 2 230
21 सीडब्ल्यूसी 570
22 डीवीसी 5 144
कुल 736 10,211

जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में कहा कि यह पहल न केवल बांधों की संरचना को मजबूत करेगी बल्कि आपदा प्रबंधन और सामुदायिक सुरक्षा को भी नई दिशा देगी।


 

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