बहुमंजिला बिल्डिंगों में निर्माण के समय ही प्राकृतिक गैस ढांचागत हेतु समन्वित प्रयास, प्रदूषणमुक्त हरित ऊर्जा के लिए किया जाएगा प्रेरित–प्रमुख सचिव खान
रिपोर्ट गौरव कोचर टेलीग्राफ टाइम्स
13 नवम्बर 2025, 06:36 PM
जयपुर, 13 नवम्बर।
राज्य में हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अब बहुमंजिला बिल्डिंगों के निर्माण के समय ही पाइपलाइन से घरेलू गैस (डीपीएनजी) सुविधा उपलब्ध कराने की ढांचागत तैयारी की जाएगी। इसके लिए भवन निर्माताओं और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रमुख शासन सचिव खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने बताया कि प्रदूषणमुक्त हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीजीडी संस्थाओं को आम नागरिकों तक पाइपलाइन से घरेलू गैस की सुरक्षित, स्वच्छ, 24×7 उपलब्धता और पर्यावरण अनुकूल ईंधन के लाभों की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने होंगे।
खनिज भवन में गुरुवार को सीजीडी संस्थाओं की प्रगति और विस्तार संबंधी बैठक में टी. रविकान्त ने बताया कि प्रदेश में अब तक 4 लाख 82 हजार परिवारों को पाइपलाइन से घरेलू गैस (डीपीएनजी) सुविधा से जोड़ा जा चुका है। वहीं वाहनों के लिए हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने हेतु राज्य में 491 सीएनजी स्टेशनों से ईंधन वितरण किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीजीडी संस्थाएं अपने-अपने भौगोलिक क्षेत्रों में तेजी से ढांचागत विकास करें और औद्योगिक इकाइयों को भी पीएनजी सेवाओं से जोड़ने के प्रयास तेज करें।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और सीजीडी संस्थाओं के कार्य को गति देने के उद्देश्य से सीजीडी नीति लागू की है। इस नीति से स्थानीय स्तर की समस्याओं का समाधान आसान हुआ है और राज्य स्तरीय नीतिगत अड़चनों के निवारण का मार्ग भी खुला है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सीजीडी पोर्टल भी जारी किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और पेपरलेस बनेगी।
राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश की 13 सीजीडी संस्थाएं 17 भौगोलिक क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। इन क्षेत्रों में सीएनजी और पीएनजी जैसी हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए संरचनात्मक ढांचा तैयार किया जा रहा है। इस वर्ष 1 लाख 25 हजार नए डीपीएनजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 30 हजार से अधिक कनेक्शन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। शेष कनेक्शनों के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक मनोज ने इस अवसर पर आगामी सीजीडी पोर्टल की विशेषताओं की जानकारी दी। बैठक में सीजीडी संस्थाओं ने सुझाव दिया कि प्रदूषणमुक्त औद्योगिक विकास के लिए प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएं, घरेलू पीएनजी पर उज्ज्वला योजना की तरह अनुदान दिया जाए और वाहनों में एलएनजी के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहन नीति बनाई जाए।
बैठक में संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत, अधीक्षण भूवैज्ञानिक एरियल सर्वे सुनील वर्मा, संयुक्त निदेशक पेट्रोलियम दिलीपराज शर्मा, उपनिदेशक सुशील हुड्डा, मोहन कुमावत, अंकित सोनी, आरएसजीएल के डीजीएम विवेक रंजन, डीएम आईटी गगनदीप राजोरिया सहित सीजीडी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।