गणपत चौहान
रायगढ़/तपकरा। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। तपकरा पुलिस ने जशपुर से रायगढ़ जा रही एक निजी बस में दबिश देकर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली सिरप जब्त की है। मामले में पुलिस ने बस के ड्राइवर, कंडक्टर और खलासी को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही तस्करी में प्रयुक्त बस को भी राजसात करने की कार्रवाई के तहत जब्त किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर नाकाबंदी
घटना 10 अप्रैल की रात की है। तपकरा पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से इनपुट मिला था कि जशपुर से रायगढ़ चलने वाली वासुदेव सवारी बस (क्रमांक CG-13-Q-1800) में नशीले इंजेक्शन या सिरप की बड़ी खेप रायगढ़ ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थाना के सामने मुख्य मार्ग पर घेराबंदी और नाकाबंदी शुरू कर दी।
तलाशी में मिली 480 शीशियां
रात्रि लगभग 11:45 बजे जब संदिग्ध बस तपकरा पहुंची, तो पुलिस ने उसे रोककर सघन तलाशी ली। जांच के दौरान बस की डिक्की में दो संदिग्ध झोले मिले। झोलों को खोलने पर उनके भीतर 4 कार्टून बरामद हुए, जिनमें ऑनरेक्स (Onrex) नामक प्रतिबंधित कफ सिरप की 480 शीशियां भरी हुई थीं। जब्त की गई 48 लीटर सिरप की कुल बाजार कीमत लगभग ₹96,720 आंकी गई है।
बिहार से रायगढ़ तक फैला नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों की पहचान ड्राइवर भोला राम, कंडक्टर बसंत पटेल और खलासी सतीश कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में पहले तो तीनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर उन्होंने सच उगल दिया।
- सप्लाई रूट: आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह खेप बिहार के गया से मंगवाई गई थी।
- गंतव्य: इसे रायगढ़ जिले के कोटरीमाल क्षेत्र में खपाने की तैयारी थी।
कड़ी कानूनी कार्रवाई
तपकरा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य सरगना और कोटरीमाल में इसे रिसीव करने वाले संदिग्धों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस का बयान: “नशीली दवाओं का अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इस मामले में बस को भी जब्त किया गया है और जांच के दायरे में आने वाले अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”