जयपुर, 18 जुलाई/ नरेश गुनानी/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर चलाए जा रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत शनिवार को सिरोही जिले में बरलूट स्थित राजकीय विद्यालय परिसर में सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य के पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी तथा जालौर–सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प: राज्यमंत्री ओटाराम देवासी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का एक बड़ा संकल्प है। उन्होंने अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल भी करे, तभी यह अभियान धरातल पर पूरी तरह सफल हो सकेगा।
जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है यह अभियान: सांसद लुम्बाराम चौधरी
सांसद लुम्बाराम चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया यह अभियान जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है और सभी को ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके बड़े होने तक पूर्ण संरक्षण करने का सामूहिक संकल्प लिया।
राज्य मंत्री देवासी ने सुनी जनसुनवाई में परिवेदनाएं, निस्तारण के दिए निर्देश
वृक्षारोपण कार्यक्रम के पश्चात राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने सर्किट हाउस में आमजन की परिवेदनाएं (समस्याएं) सुनीं। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
राज्यमंत्री ने प्राप्त हुई सभी परिवेदनाओं पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि आमजन को समय पर राहत पहुंचाई जा सके।