जयपुर/ योगेश शर्मा/देश की प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान बनस्थली विद्यापीठ की छात्रा एवं उभरती युवा साहित्यकार सुश्री प्रतिक्षा यादव ने राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान और प्रदेश का मान बढ़ाया है। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय ‘भारत सम्मान 2026’ समारोह में उन्हें साहित्य, हिंदी भाषा के संवर्धन तथा अपनी ओजस्वी लेखनी व वाणी से युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।
इस वर्ष आयोजित भारत सम्मान समारोह के लिए देशभर से केवल 51 विशिष्ट प्रतिभाओं का चयन किया गया था, जिनमें प्रतिक्षा यादव ने अपनी उत्कृष्ट साहित्यिक यात्रा के बल पर यह उपलब्धि हासिल की।
साहित्य, राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त प्रतिबिंब
अत्यंत कम आयु में ही प्रतिक्षा यादव ने अपनी परिपक्वता, संवेदनशीलता और मौलिक विचारशीलता के बल पर हिंदी साहित्य जगत में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी रचनाएं एवं कविताएं केवल शब्दों का संग्रह मात्र नहीं हैं, बल्कि उनमें समाज, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और गहरे मानवीय सरोकारों की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। अपनी प्रभावशाली मंच संचालन कला, ओजस्वी वक्तृत्व शैली और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों के जरिए वे देशभर के प्रमुख साहित्यिक मंचों पर सराही जा रही हैं।
यूपी के राज्य मंत्री रघुराज सिंह ने की मुक्त कंठ से सराहना
समारोह के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री रघुराज सिंह ने प्रतिक्षा यादव की साहित्यिक प्रतिभा, ओजस्वी वक्तृत्व और प्रभावशाली व्यक्तित्व की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी साहित्यिक कार्यक्रमों में भी उन्हें पुनः सुनने की इच्छा व्यक्त की।
युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं प्रतिक्षा
प्रतिक्षा यादव की यह उपलब्धि आज देशभर के युवाओं के लिए एक जीवंत उदाहरण है कि प्रतिभा, निरंतर कठोर परिश्रम, सांस्कृतिक संस्कारों और समर्पण के बल पर कम उम्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी जा सकती है।
उनकी इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर बनस्थली विद्यापीठ परिवार, हिंदी साहित्य जगत तथा संपूर्ण क्षेत्र में हर्ष की लहर है और इसे पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया जा रहा है।