नरेश गुनानी /गुवाहाटी,
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों की उद्यमशीलता और उनकी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति निष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश के नवनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। सोमवार को गुवाहाटी में ‘राजस्थान फाउंडेशन’ के असम नॉर्थ ईस्ट चैप्टर द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रवासियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उद्यमशीलता और सांस्कृतिक जुड़ाव की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थानियों ने अपनी मेहनत और व्यापारिक सूझबूझ से न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने विशेष रूप से मारवाड़ी समाज का उल्लेख करते हुए कहा:
”राजस्थानी समाज जहाँ भी रहता है, अपनी मिट्टी और परंपराओं से जुड़ा रहता है। यही भावनात्मक जुड़ाव राजस्थान की असली ताकत है। प्रवासी राजस्थानी अपनी जन्मस्थली (राजस्थान) और कर्मभूमि (असम) दोनों की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।”
‘ग्राम 2026’ के लिए खुला निमंत्रण
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के आगामी बड़े आयोजन ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026 की जानकारी साझा की।
- तिथि: 23 से 25 मई, 2026
- स्थान: जयपुर
- उद्देश्य: कृषि, पशुपालन और एग्रीटेक क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना। उन्होंने प्रवासियों को इस आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे।
बदलता राजस्थान: बुनियादी ढांचा और निवेश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती तस्वीर पेश करते हुए कहा कि राजस्थान अब बिजली और पानी की कमी वाली छवि से बाहर निकल चुका है।
- संसाधन: सभी जिलों में बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
- क्षेत्रीय विकास: कृषि, उद्योग और पर्यटन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर विकास कार्य जारी हैं।
- समस्या समाधान: राजस्थान फाउंडेशन को अब और भी अधिक सक्रिय बनाया गया है ताकि प्रवासियों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जा सके।
सरकार की प्रतिबद्धता
भजनलाल शर्मा ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार प्रवासियों के निवेश और उनके सुझावों का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि “बदलते राजस्थान” के इस सफर में प्रवासियों की सक्रिय भागीदारी प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
इस अवसर पर राजस्थान फाउंडेशन के असम नॉर्थ ईस्ट चैप्टर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी समुदाय के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।