बजट 2026: मध्यम वर्ग और व्यापारियों को बड़ी राहत की उम्मीद, जीएसटी कटौती और टैक्स छूट की मांग
| योगेश शर्मा
जयपुर। आगामी बजट को लेकर आम आदमी से लेकर व्यापारिक जगत तक में भारी उत्सुकता देखी जा रही है। जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने बजट पूर्व अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस बार के बजट से मध्यम वर्ग और व्यापारिक समुदाय को बहुत अधिक उम्मीदें हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से टैक्स ढांचे में सरलीकरण और आवश्यक वस्तुओं पर राहत देने की पुरजोर मांग की है।
आम आदमी की थाली और पहनावे पर राहत की मांग
सुरेश सैनी ने देश की वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सुझाव दिया कि जीएसटी (GST) के दायरे में आने वाली आवश्यक वस्तुओं, विशेषकर कपड़े और खाद्य पदार्थों पर टैक्स की दरों को कम किया जाना चाहिए या पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से न केवल आम जनता की क्रय शक्ति बढ़ेगी, बल्कि बाजार में मांग में भी तेजी आएगी।
इनकम टैक्स स्लैब और सरलीकरण
मध्यम वर्ग की चिंताओं को साझा करते हुए सैनी ने कहा कि हर व्यक्ति की नजरें आयकर (Income Tax) की घोषणाओं पर टिकी हैं। उन्होंने मांग की है कि:
- इनकम टैक्स की छूट की सीमा को और अधिक बढ़ाया जाए।
- टैक्स जमा करने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए ताकि करदाताओं को जटिलताओं का सामना न करना पड़े।
औद्योगिक विकास और रोजगार पर जोर
बेरोजगारी की समस्या का समाधान सुझाते हुए महासंघ के महामंत्री ने नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को नई इंडस्ट्रीज स्थापित करने के लिए विशेष सब्सिडी प्रदान करनी चाहिए।
सैनी के अनुसार, “अधिक उद्योग लगने से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे बेरोजगारी की दर में गिरावट आएगी।”
प्रमुख मांगें एक नज़र में:
- जीएसटी: कपड़ा और खाद्य वस्तुओं पर टैक्स में बड़ी कटौती।
- आयकर: टैक्स फ्री सीमा में बढ़ोतरी और नियमों का सरलीकरण।
- उद्योग: नई इकाइयों के लिए सरकारी सब्सिडी और प्रोत्साहन।
- रोजगार: औद्योगिक विस्तार के जरिए बेरोजगारी पर प्रहार।
जयपुर के व्यापारियों का मानना है कि यदि सरकार इन सुझावों पर ध्यान देती है, तो यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

